A wave of devotion surged on Mauni Amavasya in Haridwar, the holy city resonated with Ganga bath and charity
MAHA KUMBH MELA 2025 : महाकुंभ 2025 के दौरान गंगा नदी में गुरुवार शाम को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गंगा नदी पार करते समय एक नाव अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें सवार तीन महिलाओं और दो बच्चों की जान खतरे में पड़ गई। लेकिन जल पुलिस और बाढ़ राहत दल की सतर्कता और तेज कार्रवाई के चलते सभी को सकुशल बचा लिया गया।
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कैसे हुआ हादसा?
घटना गुरुवार शाम की है, जब नाविक राकेश निषाद अपने परिवार के साथ अरैल घाट से छतनाग घाट जा रहे थे। नाव में दो महिलाएं और तीन बच्चे सवार थे। गंगा नदी के बीच पहुंचते ही नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। नाव पलटते ही सभी लोग गंगा में डूबने लगे। यह देख नदी किनारे मौजूद लोग चिल्लाने लगे, जिससे गश्त पर मौजूद जल पुलिस और बाढ़ राहत दल सतर्क हो गए।
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जल पुलिस की तेज कार्रवाई
डीआईजी कुंभ मेला वैभव कृष्ण ने बताया कि हादसे के समय मोटर बोट पर तैनात 12वीं वाहिनी पीएसी बी दल के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने डूबते हुए सभी पांच लोगों को नदी से बाहर निकालकर सुरक्षित बचा लिया। सभी को मोटर बोट के जरिए नदी किनारे लाया गया और तुरंत मेला क्षेत्र में बने सोमेश्वर अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने सभी का प्राथमिक उपचार किया और खतरे से बाहर होने के बाद उन्हें घर भेज दिया।
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जवानों को मिला सम्मान
इस बहादुरी और सतर्कता के लिए डीआईजी वैभव कृष्ण ने जल पुलिस और बाढ़ राहत दल के जवानों की जमकर सराहना की। उन्होंने उनकी तत्परता और कुशलता को देखते हुए पूरी टीम को 15 हजार रुपये का नगद इनाम प्रदान किया।

परिवार ने जताया आभार
नाविक राकेश निषाद ने भावुक होकर कहा कि जल पुलिस और बाढ़ राहत दल ने उनके परिवार को मौत के मुंह से बचा लिया। उन्होंने कहा, “अगर थोड़ी भी देर हो जाती, तो मेरे परिवार के पांच सदस्य इस दुनिया में नहीं होते। मैं पूरी पुलिस टीम का दिल से आभारी हूं।”
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महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं और स्नानार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मेला पुलिस और बाढ़ राहत दल की टीमें नदी और घाटों पर लगातार गश्त कर रही हैं। गंगा, यमुना और संगम क्षेत्र में मोटर बोट और हाथ से चलने वाली नावों पर जवान तैनात हैं। ये टीमें स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और नाव से यात्रा करने वालों पर कड़ी निगरानी रख रही हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
यह घटना मेला क्षेत्र में तैनात सुरक्षा बलों की तत्परता और समर्पण का प्रमाण है। उनकी सतर्कता और तेजी से न केवल पांच जिंदगियां बचाई गईं, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया गया कि महाकुंभ 2025 में श्रद्धालु सुरक्षित रहें।

