Protest against PPP mode of Haridwar Medical College continues, students tried to meet CM, administration stopped them
HARIDWAR MEDICAL COLLEGE PPP MODE: राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार को पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर दिए जाने के निर्णय के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्र-छात्राएं बीते कई दिनों से अपनी कक्षाएं छोड़कर इस फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को यह विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया, जब छात्रों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने के लिए देहरादून जाने की योजना बनाई।
प्रशासन ने रोका, मुख्य गेट बंद
छात्रों के मुताबिक, उन्होंने देहरादून जाने के लिए बस बुक की थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने न केवल बस चालक को बाहर निकाल दिया, बल्कि कॉलेज का मुख्य गेट भी बंद कर दिया। इससे छात्रों का कॉलेज से बाहर निकलना नामुमकिन हो गया। इस दौरान माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई।
छात्रों का आरोप
छात्रों का कहना है कि प्रशासन उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहा है। उनके अनुसार, उन्हें मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन प्रशासन उन्हें अपनी मांग रखने से रोक रहा है। विरोध कर रहे छात्रों का कहना है कि पीपीपी मोड पर कॉलेज को दिए जाने से इसकी सार्वजनिक प्रकृति खत्म हो जाएगी, और इससे छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

प्रिंसिपल का बयान
इस मुद्दे पर कॉलेज के प्रिंसिपल रंगील सिंह रैना ने कहा कि कॉलेज प्रशासन छात्रों की सुरक्षा और जिम्मेदारी के प्रति सजग है। उन्होंने बताया कि छात्रों को समझाने का प्रयास किया गया है और शाम को जिला प्रशासन व अन्य अधिकारियों के साथ बातचीत करने का निर्णय लिया गया है। प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि छात्रों को शाम तक का इंतजार करने और अपनी चिंताओं को अधिकारियों के समक्ष रखने के लिए कहा गया है।
प्रिंसिपल ने छात्रों द्वारा सीएम से मिलने जाने की योजना पर कहा, “हमें इसकी जानकारी नहीं थी कि छात्र-छात्राएं कहां जा रहे थे। हालांकि, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कॉलेज परिसर में ही रखा गया।”
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छात्रों का विरोध जारी
विरोध प्रदर्शन का यह सिलसिला शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। छात्रों ने अपनी कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगें सुनी नहीं जातीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि पीपीपी मोड पर कॉलेज को देने से निजीकरण बढ़ेगा, जिससे मेडिकल शिक्षा महंगी हो जाएगी और सामान्य वर्ग के छात्रों के लिए इसे वहन करना मुश्किल होगा।
आज शाम होगा समाधान का प्रयास
प्रिंसिपल रंगील सिंह रैना ने भरोसा दिलाया कि शाम को जिला प्रशासन और अन्य अधिकारी छात्रों से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा, “छात्रों की सभी शंकाओं का समाधान किया जाएगा और उनकी चिंताओं को दूर किया जाएगा।”
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छात्रों की मांग
छात्रों ने मांग की है कि कॉलेज को पीपीपी मोड पर देने के फैसले को वापस लिया जाए और इसे पूरी तरह से सरकारी कॉलेज के रूप में ही संचालित किया जाए। छात्रों का कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे।
हरिद्वार मेडिकल कॉलेज का यह मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और अधिकारियों के साथ आज शाम होने वाली बातचीत से इस विवाद का समाधान होता है या यह विरोध और बड़ा रूप लेता है।

