Mahamandleshwar यति नरसिंहानंद ने कहा- सर्व कल्याणकारी शिव भी शक्ति के बिना शव मात्र हैं
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी ने यह भी बताया कि जो भी सनातन धर्मी श्रीराम, श्रीकृष्ण या श्री परशुराम को अपना इष्ट मानता है, उसे शिव और शक्ति की उपासना अवश्य करनी चाहिये। शिव और शक्ति को ही हम महादेव और माँ मानते हैं।जो साधक माँ और महादेव की शरण में अपना जीवन व्यतीत करते हैं, उन्हें हर प्रकार से ऐश्वर्य, धन, सम्पत्ति, समृद्धि, शक्ति, यश, वैभव व उत्तम परिवार मिलता है।
गाजियाबाद। शिवशक्ति धाम डासना में 108 दिवसीय माँ बगलामुखी व सहस्त्र चण्डी महायज्ञ के 16 वें दिन श्रीकृष्ण कथा में शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर व श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर
ने शिव और शक्ति की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि सर्व कल्याणकारी व सर्व विनाशक शिव भी शक्ति के बिना शव मात्र हैं।
उन्होंने कहा कि शिव और शक्ति के मिलन का ही परिणाम यह संसार है। सनातन संस्कृति में शिव सम्पूर्ण विश्व का कल्याण करने वाले हैं और शक्ति सम्पूर्ण विश्व का पालन पोषण और भरण करने वाली हैं। शिव आदिपुरुष और शक्ति प्रकृति की प्रतीक हैं। पुरुष और प्रकृति के संयोग से ही सृष्टि चलती है।
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शिव को पिता और शक्ति को माता मानना ही सनातन धर्म का आधारभूत सिद्धांत है। शिव वो हैं जो विश्व कल्याण के लिये हलाहल विष का पान करते हैं और शक्ति अपनी संतानों की रक्षा के लिये रक्तबीज जैसे राक्षसों का सम्पूर्ण रक्त पान करती हैं। हमारे श्रीराम, श्रीकृष्ण और श्री परशुराम जैसे महापुरुष स्वयं भगवान के अवतार थे।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी जी ने यह भी बताया कि जो भी सनातन धर्मी श्रीराम, श्रीकृष्ण या श्री परशुराम को अपना इष्ट मानता है, उसे शिव और शक्ति की उपासना अवश्य करनी चाहिये। शिव और शक्ति को ही हम महादेव और माँ मानते हैं।जो साधक माँ और महादेव की शरण में अपना जीवन व्यतीत करते हैं, उन्हें हर प्रकार से ऐश्वर्य, धन, सम्पत्ति, समृद्धि, शक्ति, यश, वैभव व उत्तम परिवार मिलता है।
महायज्ञ स्थल पर श्रीकृष्ण कथा के मुख्य यजमान सतेंद्र चौहान व उनकी धर्मपत्नी शशि चौहान के साथ राजेश यादव, अनिल यादव, धीरज फौजी, मोहित बजरंगी, विवेक त्यागी, अजय त्यागी तथा अन्य भक्तगण उपस्थित थे।