Meerut Kanwar Model: Meerut Kanwar Model security arrangements with CCTV surveillance, police deployment and CM Yogi's statewide Kanwar Yatra implementation plan
Meerut Kanwar Model: इस साल, पूरे उत्तर प्रदेश में ‘मेरठ कांवड़ मॉडल’ (Meerut Kanwar Model) चर्चा का मुख्य विषय बन गया है। पवित्र श्रावण मास, कांवड़ यात्रा और आने वाले त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेरठ पुलिस और प्रशासन द्वारा लागू किए गए इस खास मॉडल की बहुत तारीफ की। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरे राज्य में मेरठ कांवड़ मॉडल (Meerut Kanwar Model) को लागू करें ताकि हर जिले में कांवड़ यात्रा सुरक्षित, व्यवस्थित और टेक्नोलॉजी की मदद से संपन्न हो सके।
36 सुपर जोन, 101 जोन और 439 सेक्टर में बांटी गई पूरी व्यवस्था
मेरठ कांवड़ मॉडल (Meerut Kanwar Model) के तहत, सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में बांटा गया है। मेरठ जोन को 36 सुपर जोन, 101 जोन और 439 सेक्टर में बांटा गया है। मुजफ्फरनगर के पुरकाजी से लेकर गाजियाबाद के मोहिउद्दीनपुर तक फैले पूरे कांवड़ रूट पर कुल 256 बैरिकेड लगाए गए हैं।
हर सुपर जोन की जिम्मेदारी सर्कल ऑफिसर (CO) रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है, जबकि इंस्पेक्टर जोन की देखरेख करते हैं और पुलिस चौकी इंचार्ज सेक्टर की कमान संभालते हैं। इस ढांचे से यह सुनिश्चित होता है कि किसी भी स्थिति में तुरंत फैसले लिए जा सकें और कार्रवाई की जा सके।
6955 CCTV कैमरे और इंटीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर से होगी लाइव निगरानी
इस साल मेरठ कांवड़ मॉडल (Meerut Kanwar Model) की मुख्य ताकत टेक्नोलॉजी है। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए छह अस्थायी पुलिस स्टेशन और 134 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। पुलिस लाइन्स में स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से कुल 6,955 CCTV कैमरे जोड़े गए हैं। ये कैमरे पूरे कांवड़ रूट की चौबीसों घंटे लाइव मॉनिटरिंग में मदद करेंगे, जिससे पुलिस और प्रशासन को किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में तुरंत अलर्ट मिल सकेगा।
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गूगल मैप, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग का सहारा
मेरठ कांवड़ मॉडल (Meerut Kanwar Model) की एक अहम विशेषता इसका डिजिटल मैनेजमेंट अप्रोच है। पूरे कांवड़ रूट को गूगल मैप्स से जोड़ा गया है, जिससे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी अपने मोबाइल फोन पर रूट और ट्रैफिक डायवर्जन के बारे में तुरंत जानकारी पा सकते हैं। इसके अलावा, श्रद्धालुओं को समय-समय पर जरूरी निर्देश और गाइडलाइंस देने के लिए 239 पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाए गए हैं। सोशल मीडिया पर नजर रखने और अफवाहों व गुमराह करने वाली पोस्ट पर लगातार नजर रखने के लिए एक स्पेशल टीम भी बनाई गई है।
महिला पुलिसकर्मी निभाएंगी अहम भूमिका (Meerut Kanwar Model)
सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने के लिए, महिला पुलिसकर्मियों को कांवरियों (तीर्थयात्रियों) के भेष में तैनात किया जाएगा। उनका मकसद संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करना और किसी भी संभावित घटना के बारे में प्रशासन को समय रहते सतर्क करना होगा। इसके अलावा, बिजली का झटका लगने, सांप के काटने, आग लगने या सड़क दुर्घटना जैसी इमरजेंसी स्थितियों से निपटने के लिए एक स्पेशल मेडिकल रिस्पॉन्स प्लान तैयार किया गया है।
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म्यूजिक सिस्टम के लिए ऊंचाई तय, 74 वॉचटावर और UP-112 की तैनाती
‘मेरठ कांवर मॉडल’ (Meerut Kanwar Model) के तहत, इस साल म्यूजिक सिस्टम के लिए साफ नियम तय किए गए हैं। सुरक्षा और ट्रैफिक के बहाव पर कोई असर न पड़े, इसके लिए ज्यादा से ज्यादा 10 फीट ऊंचाई और 12 फीट चौड़ाई तय की गई है। साथ ही, सुरक्षा इंतजामों पर लगातार नजर रखने के लिए रास्ते में 74 वॉचटावर बनाए गए हैं। कांवर यात्रा की ड्यूटी के लिए खास तौर पर 361 UP-112 गाड़ियों का बेड़ा भी तैनात किया गया है।
CM योगी ने क्यों अपनाया मेरठ मॉडल?
ADG भानु भास्कर के मुताबिक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुख्यमंत्री के सामने मेरठ जोन के लिए एक डिटेल्ड मास्टर प्लान पेश किया गया था। इसकी व्यवस्थित प्लानिंग, आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और मजबूत सुरक्षा ढांचे से प्रभावित होकर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे उत्तर प्रदेश राज्य में ‘मेरठ कांवर मॉडल’ (Meerut Kanwar Model) लागू करने का फैसला किया। उम्मीद है कि इस कदम से पूरे राज्य में कांवर यात्रा के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक मैनेजमेंट और इमरजेंसी सेवाएं काफी ज्यादा असरदार हो जाएंगी।

