Parali Burning: पंजाब में पराली जलाने के केस बढ़े, अमृतसर-जालंधर की हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में

Parali Burning: पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं एक बार फिर बढ़ने लगी हैं। बुधवार को राज्यभर में 79 नई घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि मंगलवार को 62 जगहों पर पराली जलाई गई थी। इस तरह मौजूदा धान सीजन में 15 सितंबर से अब तक कुल 484 स्थानों पर पराली जलाने के मामले सामने आ चुके हैं।
पिछले साल के मुकाबले 70 फीसदी कमी
हालांकि राहत की बात यह है कि इस बार पराली जलाने की घटनाएं पिछले वर्ष की तुलना में करीब 70 फीसदी कम हैं।
पिछले साल 22 अक्टूबर तक 1,581 जगहों पर पराली जलाई गई थी, जबकि इस साल अब तक यह संख्या केवल 484 है।
राज्य सरकार द्वारा किसानों पर सख्ती और निगरानी बढ़ाने के कारण ही यह गिरावट देखी जा रही है। प्रशासन द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जाने और वैकल्पिक निपटान तकनीकों को बढ़ावा देने से भी किसानों के रवैये में बदलाव आया है।
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खराब हवा ने बढ़ाई चिंता
पराली में कमी के बावजूद, पंजाब के प्रमुख शहरों में हवा की गुणवत्ता (AQI) अब भी चिंताजनक स्तर पर है।
बुधवार देर रात तक अमृतसर का AQI 306, जालंधर का 328 और लुधियाना का 304 दर्ज किया गया — जो सभी ‘बेहद खराब’ (Very Poor) श्रेणी में आते हैं।
इसके अलावा पटियाला (283) और मंडी गोबिंदगढ़ (292) में हवा की स्थिति ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में रही।
सीपीसीबी मानकों के अनुसार, 200 से 300 के बीच का एक्यूआई “खराब” और 300 से 400 तक का “बेहद खराब” माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे स्तर पर लंबे समय तक प्रदूषित हवा में सांस लेना फेफड़ों और हृदय के लिए बेहद हानिकारक होता है।
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कड़ी कार्रवाई – 11 लाख से अधिक जुर्माना, 184 एफआईआर
राज्य सरकार ने पराली जलाने पर कड़ी कार्रवाई शुरू की है। अब तक ₹11.45 लाख जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से ₹7.40 लाख की वसूली की जा चुकी है।
अब तक 184 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 187 किसानों की जमीनों के दस्तावेजों पर ‘रेड एंट्री’ भी की गई है।
सबसे ज्यादा पराली जलाने के मामले तरनतारन (154) से सामने आए हैं। इसके बाद अमृतसर (126), फिरोजपुर (55) और पटियाला (31) जिलों में घटनाएं दर्ज की गई हैं।
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सरकार का संदेश – पराली न जलाएं, समाधान अपनाएं
राज्य सरकार ने किसानों से अपील की है कि वे पराली जलाने की बजाय मशीनों और नई तकनीकों का उपयोग करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी ताकि राज्य में प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके।

