PM Modi to visit Mumbai: PM आज मुंबई में समुद्री क्षेत्र के नेताओं को करेंगे संबोधित, 85 देशों के 1,00,000 से अधिक प्रतिनिधि लेंगे भाग

PM Modi to visit Mumbai: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मुंबई में आयोजित भारत समुद्री सप्ताह 2025 के दौरान मैरीटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करेंगे। यह सम्मेलन भारत के बढ़ते समुद्री सामर्थ्य, बंदरगाह विकास, जहाज निर्माण और वैश्विक समुद्री सहयोग के प्रति देश की प्रतिबद्धता को उजागर करने वाला एक ऐतिहासिक आयोजन माना जा रहा है।
यह कार्यक्रम मुंबई के नेस्को प्रदर्शनी केंद्र में आयोजित होगा, जहां प्रधानमंत्री मोदी शाम 4 बजे पहुंचेंगे। वे इस दौरान ग्लोबल मैरीटाइम सीईओ फोरम की भी अध्यक्षता करेंगे। इस मंच पर दुनिया भर की प्रमुख शिपिंग कंपनियों, बंदरगाह प्राधिकरणों, निवेश संस्थानों और तकनीकी नवप्रवर्तकों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
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एक लाख से अधिक प्रतिनिधियों की भागीदारी
भारत समुद्री सप्ताह 2025 में 85 देशों से आए लगभग 1,00,000 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। यह आंकड़ा इस आयोजन को दुनिया के सबसे बड़े समुद्री सम्मेलनों में से एक बनाता है। इस दौरान वैश्विक समुद्री नीति, निवेश अवसरों, पर्यावरणीय स्थिरता, हरित शिपिंग बंदरगाहों के डिजिटलीकरण और समुद्री सुरक्षा पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
मैरीटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में समन्वय और सहयोग को बढ़ावा देना है। इसमें वैश्विक समुद्री कंपनियों के प्रमुख, निवेशक, नीति निर्माता, तकनीकी विशेषज्ञ और अंतर्राष्ट्रीय साझेदार भाग ले रहे हैं, जो समुद्री उद्योग के भविष्य को दिशा देने के लिए विचार-विमर्श करेंगे।
मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के चार मुख्य उद्देश्य
भारत ने इस अवसर पर अपने दीर्घकालिक रोडमैप ‘मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047’ को भी रेखांकित किया है, जिसके चार मुख्य उद्देश्य तय किए गए हैं –
- बंदरगाह-आधारित विकास – आधुनिक बंदरगाहों का निर्माण, तटीय क्षेत्रों में औद्योगिक गलियारे और निर्यात में वृद्धि।
- जहाजरानी और जहाज निर्माण – स्वदेशी जहाज निर्माण को प्रोत्साहन और वैश्विक जहाजरानी बाजार में भारत की भूमिका को सुदृढ़ करना।
- आसान रसद – डिजिटल प्रौद्योगिकी और बेहतर ढांचागत विकास के माध्यम से लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना।
- समुद्री कौशल विकास – युवाओं को वैश्विक समुद्री उद्योग में रोजगार के अवसरों के लिए प्रशिक्षित करना।
इस विजन का उद्देश्य भारत को वर्ष 2047 तक – जब देश अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा – एक वैश्विक समुद्री महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है।
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पांच दिवसीय कार्यक्रम का थीम
27 से 31 अक्टूबर तक चलने वाला यह पांच दिवसीय आयोजन “महासागरों का एकीकरण, एक समुद्री दृष्टिकोण” थीम पर आधारित है। इसमें वैश्विक शिपिंग कंपनियों के सीईओ, निवेशक, नीति निर्माता, समुद्री सुरक्षा विशेषज्ञ, जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता और तकनीकी नवप्रवर्तक शामिल हो रहे हैं।
कार्यक्रम में नेविगेशन तकनीक, समुद्री जैव विविधता, कार्बन-न्यूट्रल पोर्ट विकास, और ब्लू इकोनॉमी जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र होंगे।
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प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कार्यक्रम में भाग लेने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, “29 अक्टूबर को मैं मुंबई में इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के कार्यक्रमों में शामिल होऊंगा और मैरीटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करूंगा। मैं ग्लोबल मैरीटाइम सीईओ फोरम की अध्यक्षता भी करूंगा। यह फोरम समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और भारत के सुधारों को प्रदर्शित करने का एक उत्कृष्ट अवसर है।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि समुद्र भारत की सभ्यता, अर्थव्यवस्था और रणनीतिक शक्ति का अभिन्न हिस्सा रहा है। आज का भारत अपने तटीय राज्यों, बंदरगाहों और नौवहन क्षमताओं को नई दिशा देकर “ब्लू इकॉनॉमी” के माध्यम से रोजगार और विकास के नए अवसर पैदा कर रहा है।
समुद्री सहयोग का नया युग
भारत समुद्री सप्ताह 2025 को केवल एक व्यापारिक या निवेश मंच के रूप में नहीं, बल्कि एक रणनीतिक साझेदारी सम्मेलन के रूप में देखा जा रहा है। भारत इस अवसर का उपयोग हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका को मजबूत करने और वैश्विक साझेदारों के साथ “सुरक्षित, टिकाऊ और सहयोगी समुद्री भविष्य” की दिशा में काम करने के लिए कर रहा है।

