Ram Mandir Donation Theft: CCTV investigation of Ayodhya Ram Mandir donation theft showing SIT probe into 70 alleged theft incidents and security lapses.
Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी देशभर में चर्चा का विषय बन गई है। अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी (Ram Mandir Donation Theft) पर SIT रिपोर्ट ने अपनी शुरुआती जांच में दावा किया है कि 27 अप्रैल से 5 जून, 2026 के बीच मिले CCTV फुटेज में चोरी की कुल 70 घटनाएं रिकॉर्ड हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, काउंटिंग रूम में कुछ कर्मचारियों ने नोटों और कैश के बंडल अपने कपड़ों, जूतों और जेबों में छिपाकर निकाले। इस खुलासे ने मंदिर की सुरक्षा और फाइनेंशियल निगरानी दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CCTV फुटेज में सामने आई चोरी की पूरी कहानी
अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी (Ram Mandir Donation Theft) पर SIT रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला और मनीष यादव कई बार चोरी करते हुए कैमरे में कैद हुए। जांच में यह भी पता चला कि अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा और करुणेश पांडे ने भी चोरी में मदद की थी। जांच एजेंसियों को कर्मचारियों के बैंक अकाउंट में संदिग्ध कैश डिपॉजिट, फिक्स्ड डिपॉजिट और बड़े फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं। इसके अलावा, 4 जून 2026 को मंदिर परिसर के एक बाथरूम से ₹2.25 लाख कैश बरामद किया गया था।
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सिक्योरिटी में पाई गई बड़ी चूक
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के काउंटिंग रूम में कई जरूरी सिक्योरिटी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। रेगुलर तलाशी के बजाय, कर्मचारियों की कभी-कभी ही जांच की जाती थी। बिना जेब वाली यूनिफॉर्म जरूरी नहीं थी, और मोबाइल फोन, पर्सनल चाबियां और दूसरी चीजें अंदर ले जाने पर कोई रोक नहीं थी। अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी (Ram Mandir Donation Theft) पर SIT रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि गिनती और रिकॉर्ड रखने के प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी की कमी थी, जिससे चोरी का खतरा लगातार बना रहता था।
फाइनेंशियल जिम्मेवारियों में सामने आई लापरवाही
SIT जांच में ट्रस्ट के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल मामलों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने सिक्योरिटी कमियों की जानकारी होने के बावजूद जरूरी लिखित आदेश जारी नहीं किए। काउंटिंग रूम की मॉनिटरिंग और डिसिप्लिन में भी गंभीर कमियां पाई गईं। अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी (Ram Mandir Donation Theft) पर SIT रिपोर्ट से पता चला है कि डोनेशन बॉक्स की चाबियां बिना इजाजत के एक कर्मचारी के पास थीं, जिसे जांच टीम ने बहुत रिस्की अरेंजमेंट बताया है।
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साजिश और चोरी के आरोपों की जांच तेज
रिपोर्ट में रमाशंकर यादव उर्फ टीनू यादव पर क्रिमिनल साजिश, चोरी में मदद करने और दूसरे कर्मचारियों को शामिल करने का आरोप है। जांच एजेंसियों का कहना है कि बैंक अकाउंट और फाइनेंशियल रिकॉर्ड से पता चलता है कि गड़बड़ियां सिर्फ 40 दिनों तक ही सीमित नहीं थीं, बल्कि इससे पहले भी हो सकती हैं। अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी (Ram Mandir Donation Theft) पर SIT रिपोर्ट के आधार पर, आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई तेज होने की संभावना है।
राम मंदिर ट्रस्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी सिर्फ फाइनेंशियल नुकसान का मामला नहीं है, बल्कि इसमें लाखों भक्तों की आस्था भी जुड़ी है। अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी (Ram Mandir Donation Theft) पर SIT रिपोर्ट ने सिक्योरिटी सिस्टम, मॉनिटरिंग सिस्टम और फाइनेंशियल मैनेजमेंट में कमियों को उजागर किया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है और ट्रस्ट भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किस तरह के सुधार लागू करता है।

