Ramadan Moon Sighted Saudi Arabia: सऊदी अरब में रमजान का चांद दिखने के बाद मक्का की मस्जिद अल-हरम में मुसलमान तरावीह की नमाज अदा कर रहे हैं।
Ramadan Moon Sighted Saudi Arabia: दुनिया भर के मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र महीना रमजान ऑफिशियली शुरू हो गया है। सऊदी अरब में मंगलवार शाम को चांद दिखने के बाद, पहला रोजा बुधवार, 18 फरवरी को रखा जाएगा। चांद दिखने की घोषणा के साथ ही पूरे देश में इबादत का माहौल बन गया।
रमजान की शुरुआत के साथ ही मस्जिदों में खास नमाजें, जिन्हें ‘तरावीह’ कहा जाता है, पढ़ी जाती हैं। मस्जिद अल-हरम और अल-मस्जिद अन-नबावी में लाखों नमाजियों ने पहली तरावीह की नमाज में हिस्सा लिया। इन पवित्र जगहों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
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भारत में पहला रोजा रखा जाएगा कल
भारत में, आमतौर पर सऊदी अरब के एक दिन बाद चांद दिखता है। इसी परंपरा के अनुसार, भारत में रमजान का पहला रोजा कल यानि गुरुवार 19 फरवरी को रखा जाएगा। चांद दिखने की पुष्टि के बाद, अलग-अलग राज्यों की चांद कमेटियां ऑफिशियली घोषणा करेंगी।
दिल्ली की जामा मस्जिद समेत देश भर की बड़ी मस्जिदों में चांद दिखने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मुस्लिम समुदाय के लोग चांद दिखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। चांद दिखते ही मस्जिदों से ऐलान किया जाएगा और उसी रात तरावीह की नमाज शुरू हो जाएगी।
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रमजान का धार्मिक महत्व
रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है और इसे इबादत, सब्र और खुद को साफ करने का महीना माना जाता है। इस महीने में रोजा रखना इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है। रोजे का मतलब सिर्फ भूखा-प्यासा रहना नहीं है, बल्कि बुराई से दूर रहना और अच्छे कामों की ओर मुड़ना है।
रमजान के दौरान सूरज निकलने से पहले सेहरी की जाती है, सूरज डूबने के बाद इफ्तार किया जाता है, पांच वक्त की नमाज के साथ तरावीह पढ़ी जाती है और जरूरतमंदों को जकात और सदका दिया जाता है।
मक्का और मदीना में खास इंतजाम
रमजान के महीने में मक्का और मदीना में खास तैयारियां की जाती हैं। लाखों तीर्थयात्री उमराह के लिए आते हैं। प्रशासन सुरक्षा, सफाई और इफ्तार के लिए बड़े इंतजाम करता है। मस्जिद अल-हरम में रोज हजारों लोगों के लिए इफ्तार का इंतजाम किया जाता है। मस्जिद-ए-नबवी में खजूर और पानी से रोजा खोलने की परंपरा भी निभाई जाती है।
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रोजे के दौरान क्या करें और क्या न करें
क्या करें:
- सहरी समय पर करें
- पांचों वक्त की नमाज पढ़ें
- पवित्र कुरान पढ़ें
- जरूरतमंदों की मदद करें
क्या न करें:
- झूठ बोलना
- गुस्सा करना
- बुरा बोलना या गपशप करना
- फिजूलखर्ची करना
रमजान खुद पर काबू रखने और खुद को समझने का महीना है। यह सिर्फ शारीरिक उपवास का ही नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि का भी समय है।
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दुनिया भर में रमजान का जश्न
आज यूनाइटेड अरब अमीरात, कतर और कुवैत समेत कई खाड़ी देशों में पहला रोजा रखा जा रहा है। मुस्लिम बहुल देशों में बाजारों में रौनक आ गई है। खजूर, फल और पारंपरिक खाने की चीजों की खरीदारी जोरो पर है।
भारत में, पुरानी दिल्ली, हैदराबाद, लखनऊ और मुंबई जैसे शहरों में भी रमजान के दौरान खास बाजार लगते हैं। इफ्तार के समय, सड़कें पकौड़े, फल, शरबत और खजूर की खुशबू से भर जाती हैं।
ईद का त्योहार कब मनाया जाएगा?
रमजान 29 या 30 दिनों का होता है। ईद-उल-फित्र चांद दिखने पर मनाई जाती है। अगर 29वें दिन चांद दिखता है, तो अगले दिन ईद मनाई जाएगी नहीं तो, 30 रोजे रखे जाएंगे। ईद का त्योहार भाईचारे, प्यार और एकता का प्रतीक है। लोग एक-दूसरे को गले लगाते हैं, ‘ईद मुबारक’ कहते हैं और मीठी सेवइयां बांटते हैं।

