Russia Ukraine Missile Attack: Russia Ukraine Missile Attack aftermath in Kyiv showing damaged residential buildings, rescue teams, smoke rising after ballistic missile and drone strikes before the NATO Summit. (PC - TV9)
Russia Ukraine Missile Attack: रूस–यूक्रेन मिसाइल हमले (Russia Ukraine Missile Attack) ने एक बार फिर पूर्वी यूरोप में चल रहे युद्ध की तरफ दुनिया का ध्यान खींचा है। NATO समिट शुरू होने से ठीक पहले, रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर रात भर कई हमले किए, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हमले में कम से कम आठ लोग मारे गए और 34 से ज्यादा घायल हो गए। कई रिहायशी इमारतें डैमेज हो गईं, और लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
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रिहायशी इलाकों को बनाया गया निशाना
अधिकारियों के मुताबिक, रूस-यूक्रेन मिसाइल हमले (Russia Ukraine Missile Attack) के दौरान राजधानी कीव के कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। पोडिल्स्की जिले में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग का एक बड़ा हिस्सा गिर गया, जबकि डार्नित्सिया इलाके में कई मल्टी-स्टोरी बिल्डिंग डैमेज हो गईं। एक इंडस्ट्रियल प्लांट में भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में काले धुएं का घना बादल छा गया। कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने कहा कि रेस्क्यू टीम ने मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए रात भर काम किया। एडमिनिस्ट्रेशन ने लोगों से सुरक्षित जगहों और बंकरों में रहने की अपील की।
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मेट्रो स्टेशनों में पनाह लेने को मजबूर लोग
रूस-यूक्रेन मिसाइल हमले (Russia Ukraine Missile Attack) के दौरान, राजधानी में लगातार धमाके सुनाई दिए। एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव रहे, लेकिन मिसाइलों और ड्रोन की भारी संख्या के कारण कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ। आम लोगों को अपनी जान बचाने के लिए मेट्रो स्टेशनों में पनाह लेनी पड़ी। सोशल मीडिया पर वीडियो में लोग बच्चों और बुजुर्गों के साथ अंडरग्राउंड स्टेशनों में रात बिताते दिखे।
जेलेंस्की की चेतावनी कुछ घंटों बाद हुई सच
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने हमले से कुछ घंटे पहले ही रूस के बड़े हमले का डर जताया था। उन्होंने पश्चिमी देशों से एयर डिफेंस सिस्टम, खासकर पैट्रियट मिसाइल सिस्टम की और सप्लाई की अपनी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेन के एयर डिफेंस को मजबूत नहीं किया गया, तो रूस ऐसे हमले करता रहेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूस-यूक्रेन मिसाइल हमले (Russia Ukraine Missile Attack) का समय बहुत अहम है, क्योंकि यह NATO समिट से ठीक पहले हुआ है, जहां यूक्रेन को मिलिट्री मदद और सुरक्षा सहयोग पर जरूरी बातचीत होनी है।
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क्या NATO समिट में होगा बड़ा फैसला?
तुर्की के अंकारा में NATO समिट के दौरान US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच मीटिंग होने की उम्मीद है। दोनों लीडर्स के बीच जंग, मिलिट्री मदद और आगे की स्ट्रैटेजी पर बात होने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स का मानना है कि रूस-यूक्रेन मिसाइल अटैक (Russia Ukraine Missile Attack) NATO देशों पर दबाव बनाने और यूक्रेन को मिलने वाली वेस्टर्न मिलिट्री मदद पर असर डालने का एक तरीका भी हो सकता है।
क्या और तेज होगी रूस-यूक्रेन जंग?
चार साल से ज्यादा समय से चल रहा रूस-यूक्रेन वॉर अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। लगातार मिसाइल अटैक, ड्रोन स्ट्राइक और सिविलियन इलाकों को टारगेट करने से ह्यूमन क्राइसिस और बढ़ रहा है। ऐसे में, रूस-यूक्रेन मिसाइल अटैक (Russia Ukraine Missile Attack) को न सिर्फ एक मिलिट्री एक्शन के तौर पर देखा जा रहा है, बल्कि ग्लोबल सिक्योरिटी और यूरोपियन स्टेबिलिटी के लिए एक बड़े सिग्नल के तौर पर भी देखा जा रहा है। पूरी दुनिया की नजर अब NATO समिट और उसमें होने वाले फैसलों पर है।

