Solar Eclipse 2026 India: बीएनपी नेता ने भारत-बांग्लादेश संबंधों और शेख हसीना के प्रत्यर्पण मुद्दे पर मीडिया को संबोधित किया।
Solar Eclipse 2026 India: साल का पहला सूर्य ग्रहण आज लगने वाला है, और इसका समय करीब साढ़े चार घंटे रहने का अनुमान है। ग्रहण का नाम सुनते ही जिज्ञासा और थोड़ी चिंता दोनों होती है। खासकर सनातन धर्म को मानने वाले लोग जानना चाहते हैं कि ग्रहण कब लगेगा, क्या यह भारत में दिखेगा, और क्या सूतक काल मान्य होगा। आइए इस सूर्य ग्रहण से जुड़ी हर जरूरी जानकारी को विस्तार से जानते हैं।
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क्या है सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चांद, पृथ्वी और सूरज के बीच आ जाता है, जिससे सूरज की रोशनी थोड़ी या पूरी तरह से रुक जाती है। इस खगोलीय घटना को वैज्ञानिक नजरिए से एक सामान्य घटना माना जाता है, लेकिन धर्म और ज्योतिष में इसे बहुत महत्वपूर्ण समय माना जाता है।
सूर्य ग्रहण का समय और समय
आज का सूर्य ग्रहण लगभग 4 घंटे 30 मिनट तक रहेगा। ग्रहण के दोपहर में शुरू होने और शाम तक खत्म होने की उम्मीद है (लोकल टाइम जोन के आधार पर इसमें बदलाव हो सकते हैं)। ग्रहण तीन फेज में होता है, पहला स्पर्श – ग्रहण की शुरुआत, मध्यकाल – अधिकतम ग्रहण और अंतिम स्पर्श – ग्रहण समाप्ति। ध्यान दें कि समय हर देश में अलग-अलग हो सकता है।
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क्या भारत में सूर्य ग्रहण दिखेगा?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह ग्रहण भारत में दिखेगा? खगोलीय गणना के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण भारत के ज्यादातर हिस्सों में नहीं दिखेगा। यह मुख्य रूप से कुछ दूसरे देशों और समुद्री इलाकों में दिखेगा। अगर कोई ग्रहण भारत में नहीं दिखता है, तो उसका सूतक काल आमतौर पर मान्य नहीं माना जाता है।
क्या होता है सूतक काल?
सनातन धर्म में, ग्रहण से पहले के समय को ‘सूतक काल’ कहा जाता है। सूर्य ग्रहण के लिए, सूतक काल आमतौर पर 12 घंटे पहले शुरू माना जाता है। लेकिन धार्मिक शास्त्रों के अनुसार अगर ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देता है, तो इसका सूतक काल भारत में लागू नहीं होता है। इसलिए, भारत में इस ग्रहण के दौरान मंदिरों के दरवाजे बंद करने या खास नियम लागू करने की जरूरत नहीं है।
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सनातन धर्म में ग्रहण का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण का समय साधना, जप और ध्यान के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। पौराणिक कहानियों में राहु और केतु का जिक्र है, जिन्हें ग्रहण का कारण माना जाता है। ज्योतिष में भी ग्रहण को खास असर वाला समय बताया गया है। ग्रहण के दौरान इन बातों का ध्यान रखने का रिवाज है –
- खाने से बचें (अगर ग्रहण दिख रहा हो)
- भगवान के मंत्र पढ़ें
- दान करें
- गर्भवती महिलाओं का खास ध्यान रखें
हालांकि, ये सभी नियम तभी लागू होते हैं जब ग्रहण उस इलाके में दिख रहा हो।
साइंटिफिक नजरिया
साइंटिस्ट्स के मुताबिक, सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है। इसका धरती पर आम जिंदगी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता। लेकिन एक बात का ध्यान रखना जरूरी है कि, सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से देखना खतरनाक हो सकता है। अगर ग्रहण आपके इलाके में दिख रहा है, तो सिर्फ सर्टिफाइड सोलर फिल्टर या खास चश्मे का ही इस्तेमाल करें।
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दुनिया में कहां दिखेगा ग्रहण?
यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से कुछ विदेशी इलाकों, तटीय इलाकों और कुछ चुनिंदा देशों में दिखेगा। वहां के लोग इसे सीधे देख पाएंगे। क्योंकि यह भारत में नहीं दिखेगा, इसलिए इसका आम जिंदगी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
क्या करें और क्या न करें?
अगर आपके इलाके में ग्रहण दिख रहा है, तो
- मंत्रों का जाप करें
- स्नान करें और दान करें
- ग्रहण खत्म होने के बाद अपने घर की सफाई करें
- सूरज को नंगी आंखों से न देखें
- बिना सुरक्षा उपकरण के न देखें
भारत में, अगर ग्रहण दिखाई नहीं दे रहा है, तो नॉर्मल डेली रूटीन जारी रखा जा सकता है।
ग्रहण का आध्यात्मिक महत्व
ग्रहण को आत्म-चिंतन और आध्यात्मिक अभ्यास का समय भी माना जाता है। कई साधक इस दौरान खास मंत्रों का जाप करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि ग्रहण के दौरान जाप करना कई गुना ज्यादा फलदायी होता है।

