Supreme Court hears fugitive liquor entrepreneur Vijay Mallya sentenced to four months
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तीन जजों न्यायमूर्ति यू यू ललित, रविन्द्र एस भट, पीएस नरसिन्हा की बेंच ने अवमानना के दोषी शराबे उद्यमी विजय माल्या को चार माह सजा सुनाई है। इसके साथ ही माल्या पर माह का जुर्माना लगाते हुए एक माह के अंदर 40 मिलियन की रकम ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है, यदि विजय माल्या 40 मिलियन (चार करोड़ रुपये) धनराशि तय समय सीमा पर नहीं लौटाते हैं, तो उनकी सम्पत्ति कुर्क करने का भी आदेश दिये गये हैं।
अदालत ने माल्या को अवमानना का दोषी करार देते हुए सजा सुनाने के लिए 10 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने विजय माल्या द्वारा बैंकों से लिया गया ऋण की राशि न चुकाने पर उसके खातों के परिचालन पर रोक लगा दी थी, इसके बावजूद विजय माल्या ने 40 मिलियन (चार करोड़) की राशि अपने बच्चों के नाम ट्रांसफर कर दी था। इस मामले में भारतीय स्टेट बैंक ने अदालत को अवगत कराया था, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 7 मार्च, 2017 को विजय माल्या को अवमानना का दोषी करार दिया था। विजय माल्या ने 2017 में अपने खिलाफ दिये गये फैसले पर सुप्रीम कोर्ट में पुर्नविचार याचिका भी दायर की थी, जिसे अदालत ने 2020 में खारिज कर दिया था।
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उल्लेखनीय है कि इस समय ब्रिटेन की लंदन जेल में बंद है और भारतीय अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित किया हुआ है। विजय माल्या ने भारत के एक दर्जन से अधिक बैंकों के करीब दस हजार करोड़ रुपये धोखाधड़ी करके ऋण लिया था, जिसके आज तक चुकाया नहीं गया है। इस मामले भारतीय बैंकों ने ब्रिटेन की अदालत में केस दायर किया था, जिसे माल्या हार चुके हैं और ब्रिटेन की अदालत भी विजय माल्या को 1.55 अरब डालर यानी भारतीय मुद्रा में करीब दस हजार करोड़ रुपये लौटाने के लिए आदेश दे चुकी है।

