The incident that happened in Maha Kumbh was unfortunate, the upcoming Amrit Snan will be made 'zero error'
MAHA KUMBH MELA 2025: मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम नोज पर हुई घटना के बाद महाकुंभ में व्यवस्थाओं को लेकर सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने गुरुवार को महाकुंभ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने इस घटना की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और स्पष्ट रूप से कहा कि आगामी बसंत पंचमी अमृत स्नान को ‘जीरो एरर’ बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि इस बार महाकुंभ को लेकर जो तैयारियां की गई थीं, उनकी दुनिया भर में सराहना हो रही है। दुर्भाग्यवश यह घटना हो गई, लेकिन इसके बावजूद हमें हतोत्साहित नहीं होना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को ‘बिल्ड इट बेटर’ की भावना से काम करते हुए आगामी अमृत स्नान को श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाना होगा।
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डीजीपी बोले – “मुख्यमंत्री स्वयं 12 घंटे तक मॉनीटरिंग करते रहे”
डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस घटना से काफी दुखी हैं। उन्होंने बताया कि घटना के बाद मुख्यमंत्री ने बुधवार तड़के से ही समीक्षा बैठकों की शुरुआत की और लगातार 12 घंटे तक बिना रुके हर स्थिति पर नजर बनाए रखी। डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री के लिए यह घटना एक झटका थी क्योंकि उन्होंने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में कोई कमी नहीं छोड़ी थी। अब आगामी अमृत स्नान को लेकर प्रशासन को और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
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प्रशांत कुमार ने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर सबसे अधिक भीड़ होती है, वहां वरिष्ठ अधिकारियों की अतिरिक्त तैनाती की जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर आवश्यक हो तो विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि बॉर्डर एरिया में एसपी स्तर के अधिकारियों को तैनात किया जाए, ताकि स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

मुख्य सचिव – “मनोबल न गिराएं, बसंत पंचमी को बनाएं यादगार”
मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस घटना की न्यायिक जांच के लिए आयोग गठित कर दिया है, लेकिन प्रशासन को अब आगे की व्यवस्थाओं पर ध्यान देना होगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बसंत पंचमी के अवसर पर होने वाले अमृत स्नान के लिए बेहतर से बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि श्रद्धालु इस अनुभव को हमेशा याद रखें।
उन्होंने बताया कि इस बार महाकुंभ की तैयारियां अभूतपूर्व स्तर पर की गई थीं। राज्य सरकार ने फंड और मैनपावर की कोई कमी नहीं रखी थी। आवश्यकता के अनुसार सभी संसाधन प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए गए थे। लेकिन अत्यधिक भीड़ के कारण दुर्घटना हो गई। अब प्रशासन को इसे दोहराने से रोकना होगा।
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मुख्य सचिव ने कहा, “मन में किसी प्रकार की निराशा न आने दें। हमारे पास दो दिन का समय है, इसमें जो भी सुधार करने हैं, वे कर लें। यह सुनिश्चित करें कि श्रद्धालुओं का स्नान और आवागमन सुचारू रूप से हो।”
अमृत स्नान के दौरान लागू होगा विशेष डायवर्जन प्लान
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि संगम नोज पर अत्यधिक भीड़ को जाने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की जाए और डायवर्जन प्लान को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के लिए कुछ और वरिष्ठ अधिकारियों को महाकुंभ क्षेत्र में तैनात किया है, जो स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर योजना तैयार करेंगे।
स्वच्छता व्यवस्था को लेकर दिए गए कड़े निर्देश
मुख्य सचिव ने सफाई व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र में कहीं भी गंदगी नहीं होनी चाहिए और अधिकारी खुद फील्ड में रहकर साफ-सफाई सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों की तैनाती शिफ्ट वाइज होनी चाहिए और सभी डस्टबिन में नए लाइनर बैग लगाए जाएं।
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मुख्यमंत्री की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जिस अधिकारी को सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी दी जाए, उसे कोई अन्य कार्य न सौंपा जाए।
मेलाधिकारी बोले – “अमृत स्नान के लिए रणनीतिक तैनाती की जाएगी”
मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि मौनी अमावस्या के अमृत स्नान को लेकर व्यापक तैयारियां की गई थीं। सभी पार्किंग क्षेत्र सक्रिय थे, रेलवे स्टेशन पर मूवमेंट सुचारू रूप से चल रहा था और पब्लिक एड्रेस सिस्टम प्रभावी रूप से कार्य कर रहा था। उन्होंने कहा कि आगामी बसंत पंचमी स्नान को लेकर “रणनीतिक तैनाती” की जाएगी और श्रद्धालुओं के लिए जोनल प्लान लागू किया जाएगा ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
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समीक्षा बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
महाकुंभ क्षेत्र में हुई इस समीक्षा बैठक में यूपीपीसीएल के चेयरमैन आशीष गोयल, प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात, एडीजी भानु भास्कर, कमिश्नर विजय विश्वास पंत, पुलिस आयुक्त तरुण गाबा, डीआईजी वैभव कृष्ण, एसएसपी राजेश द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

