CM Yogi News: योगी सरकार का बड़ा ऐलान, यूपी में 2.20 लाख करोड़ के लोन बांटने की तैयारी
UP Loan Distribution Plan 2026: उत्तर प्रदेश को देश की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य की आर्थिक रफ्तार तेज करने के उद्देश्य से योगी सरकार ने बैंकिंग सेक्टर के साथ मिलकर एक ठोस रणनीति बनाई है। इसी कड़ी में लखनऊ में राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी (SLBC) की अहम बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि बैंक यूपी के विकास में सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि अगर बैंक और सरकार मिलकर काम करें, तो प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने से कोई नहीं रोक सकता।
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2.20 लाख करोड़ रुपये के लोन बांटने का लक्ष्य
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक उत्तर प्रदेश में 2.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सरकार दो बड़े मेगा ऋण मेलों का आयोजन करने जा रही है। पहला ऋण मेला 20 फरवरी और दूसरा 16 मार्च को आयोजित होगा। इन ऋण मेलों के जरिए किसानों, युवाओं, छोटे व्यापारियों, महिलाओं और स्वरोजगार शुरू करने वालों को आसान शर्तों पर लोन दिया जाएगा, जिससे प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
सीडी रेशियो बढ़ाने पर सीएम का सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश के सीडी रेशियो (क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो) पर खास जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि यूपी का सीडी रेशियो जल्द से जल्द 62 प्रतिशत से ऊपर पहुंचाया जाए। आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 तक यूपी का सीडी रेशियो 60.39 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो पिछले 10 वर्षों में सबसे बेहतर स्थिति है। हालांकि, अभी भी 5 ऐसे जिले हैं जहां सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से कम है। मुख्यमंत्री ने इन जिलों में विशेष अभियान चलाकर सुधार के निर्देश दिए।
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ओडीओपी के बाद ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना
योगी सरकार अब ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) की तर्ज पर एक नई योजना शुरू करने जा रही है, जिसका नाम ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ रखा गया है। इस योजना के तहत हर जिले के पारंपरिक और प्रसिद्ध व्यंजन को पहचान दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बैंकों से कहा कि वे इस योजना से जुड़े ढाबा संचालकों, फूड स्टार्टअप्स, महिलाओं और पारंपरिक पाक कला से जुड़े कारीगरों को प्राथमिकता के आधार पर लोन दें। इससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा और यूपी की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी।
गांवों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर खास फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में साफ कहा कि अब बैंकों को गांवों की ओर रुख करना होगा। उन्होंने निर्देश दिए कि मेगा ऋण मेलों का आयोजन खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाए। साथ ही हर महीने जिला स्तरीय बैंकर्स कमेटी की बैठक अनिवार्य रूप से की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान, पशुपालक, स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण युवा प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इन्हें समय पर वित्तीय सहायता मिलनी चाहिए।
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आसान बैंकिंग प्रक्रिया पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए कि लोन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक दस्तावेज, बार-बार वेरिफिकेशन और बेवजह देरी के कारण पात्र लोगों को परेशान न किया जाए। बैंकिंग व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम आदमी को सम्मान के साथ और समय पर लोन मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकिंग प्रक्रिया जितनी आसान होगी, उतना ही ज्यादा निवेश और रोजगार पैदा होगा।
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यूपी तेजी से बन रहा आर्थिक ताकत
पिछले 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश के बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। प्रदेश का बैंकिंग कारोबार 12.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 32.79 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, जनधन खातों की संख्या 10.21 करोड़ से अधिक हो चुकी है, जो देश में सबसे ज्यादा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि बैंकिंग सेक्टर के सहयोग से उत्तर प्रदेश जल्द ही 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाएगा और देश के विकास का इंजन बनेगा।

