Avalanche Alert DGRE Advisory: हिमालय में कुदरत का कोहराम, उत्तराखंड के तीन जिलों में 'एवलांच' का ऑरेंज अलर्ट, DGRE ने जारी की डेंजर लेवल-3 की चेतावनी
Avalanche Alert DGRE Advisory : उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में एक बार फिर प्रकृति के रौद्र रूप का खतरा मंडराने लगा है। पिछले 72 घंटों से मौसम के बदलते मिजाज और लगातार हो रही बर्फबारी ने पहाड़ों पर हिमस्खलन (Avalanche) की स्थिति पैदा कर दी है। Uttarakhand Avalanche Alert DGRE Advisory 2026 के तहत डिफेंस जियो इन्फॉर्मेटिक्स रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (DGRE) ने राज्य के तीन सीमांत जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों को ‘डेंजर लेवल-3’ (मध्यम से उच्च जोखिम) की श्रेणी में रखा है, जिसका अर्थ है कि इन इलाकों में बर्फ की परतों का खिसकना जानलेवा साबित हो सकता है।
इन तीन जिलों पर मंडरा रहा है खतरा
DGRE द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची में उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों को सबसे संवेदनशील माना गया है। Uttarakhand Avalanche Alert DGRE Advisory 2026 के अनुसार, यह चेतावनी 21 मार्च से शुरू होकर 22 मार्च के अंत तक प्रभावी रहेगी। भू-वैज्ञानिकों का मानना है कि हालिया बर्फबारी के बाद नई और पुरानी बर्फ के बीच सामंजस्य नहीं बन पाया है, जिससे ढलानों पर जमी बर्फ का संतुलन बिगड़ गया है। 3000 मीटर से अधिक की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ‘स्नो ड्रिफ्टिंग’ के कारण हिमस्खलन की घटनाएं होने की प्रबल आशंका है।
2700 मीटर से ऊपर रहने वालों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह
खतरे की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने एक विस्तृत मार्गदर्शिका जारी की है। Uttarakhand Avalanche Alert DGRE Advisory 2026 के प्रावधानों के तहत, 2700 मीटर से अधिक ऊंचाई पर रहने वाले ग्रामीणों को अगले 48 घंटों के लिए निचले इलाकों या सुरक्षित आश्रयों में स्थानांतरित (Shift) होने की सलाह दी गई है। जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आपदा प्रबंधन टीमों (SDRF) को ‘स्टैंडबाय’ मोड पर रखें और सेटेलाइट फोन के जरिए दूरस्थ चौकियों से संपर्क बनाए रखें।
घरों की छतों से बर्फ हटाना अनिवार्य
एडवाइजरी में स्थानीय निवासियों के लिए कुछ विशेष निर्देश भी शामिल हैं:
उत्तराखंड की तमाम बड़ी खबर LIVE देखने के लिये क्लिक करे
- छतों की सुरक्षा: बर्फबारी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने घरों और गौशालाओं की छतों पर बर्फ जमा न होने दें। अधिक भार के कारण मकान ढहने का खतरा रहता है।
- अनावश्यक आवाजाही: यदि बहुत जरूरी न हो, तो बर्फीले रास्तों पर यात्रा करने से बचें। फिसलन और अचानक हिमस्खलन के कारण रास्ते बंद हो सकते हैं।
- पुराने एवलांच जोन: ट्रेकर्स और पर्यटकों को उन रास्तों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है जहाँ पहले हिमस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, Today Hindi News, Breaking
पूरे हिमालयी क्षेत्र में ‘ऑरेंज अलर्ट’ का साया
Uttarakhand Avalanche Alert DGRE Advisory 2026 केवल उत्तराखंड तक ही सीमित नहीं है। DGRE ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि जम्मू-कश्मीर के दो जिले, लद्दाख के दो जिले, हिमाचल प्रदेश के चार जिले और सिक्किम के दो क्षेत्रों में भी समान स्तर का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का यह असामान्य पैटर्न पूरे हिमालयी बेल्ट के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। मार्च के महीने में इतनी सक्रिय बर्फबारी और हिमस्खलन का खतरा पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
पर्यटकों और ट्रेकर्स के लिए विशेष चेतावनी
उत्तराखंड में इन दिनों कई साहसिक ट्रेकिंग दल उच्च हिमालयी बुग्यालों की ओर कूच कर रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि Uttarakhand Avalanche Alert DGRE Advisory 2026 के प्रभावी रहने तक किसी भी दल को उच्च क्षेत्रों में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो दल पहले से ऊपर हैं, उन्हें तत्काल सुरक्षित बेस कैंप पर लौटने के संदेश भेजे जा रहे हैं।

