Uttarakhand Heatwave: उत्तराखंड में कब मिलेगी भीषण गर्मी से राहत?
Uttarakhand Heatwave: उत्तराखंड में इस बार गर्मी ने मई खत्म होने से पहले ही अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मैदानी इलाकों में तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भी लोगों को सामान्य से अधिक गर्मी महसूस हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार Uttarakhand Heatwave का दौर सामान्य वर्षों की तुलना में लंबा चल सकता है।
प्रदेश में आमतौर पर मई के अंतिम सप्ताह से जून के पहले पखवाड़े तक सबसे अधिक गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार मौसम ने समय से पहले करवट बदल ली है। लगातार चल रही पश्चिमी गर्म हवाएं और अल नीनो जैसी वैश्विक मौसमी परिस्थितियां गर्मी को और बढ़ा रही हैं।
18 से 24 मई का सप्ताह सबसे गर्म रहने का अनुमान
मौसम विभाग और जलवायु विशेषज्ञों के अनुसार 18 से 24 मई के बीच का समय इस साल का सबसे गर्म दौर साबित हो सकता है। इस दौरान उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में Heatwave जैसी स्थिति बनी रहने की संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बारिश और प्री-मानसून गतिविधियां बेहद कमजोर हैं। इसी वजह से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। देहरादून, रुड़की, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इस साल मई के दूसरे पखवाड़े में आंधी और हल्की बारिश की कमी ने भी गर्मी को और अधिक बढ़ाने का काम किया है।
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रुड़की में पहुंचा 42 डिग्री तापमान
इस सीजन में उत्तराखंड का सबसे अधिक तापमान रुड़की में रिकॉर्ड किया गया, जहां 20 मई को पारा 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं कुमाऊं क्षेत्र के पंतनगर और खटीमा में भी तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है।
गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार प्रमुख शहरों का तापमान इस प्रकार रहा:
- रुड़की – 40.5°C
- जोलीग्रांट – 39.7°C
- देहरादून – 39.6°C
- पंतनगर – 39.4°C
- खटीमा – 39.0°C
- पिथौरागढ़ – 31.9°C
- टिहरी – 29.0°C
- मुक्तेश्वर – 28.8°C
- मसूरी – 27.0°C
हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में मैदानी इलाकों की तुलना में तापमान कम है, लेकिन वहां भी सामान्य से अधिक गर्मी महसूस की जा रही है।
क्यों लंबा खिंच सकता है Uttarakhand Heatwave?
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी गर्म हवाएं लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। इसके अलावा अरब सागर में बन रहे मौसमी सिस्टम भी उत्तर भारत के तापमान को प्रभावित कर रहे हैं।
स्काईमेट के मौसम विशेषज्ञ जीपी शर्मा के अनुसार, अल नीनो परिस्थितियां भी इस बार गर्मी को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। अल नीनो के प्रभाव के कारण मानसून की गति धीमी हो सकती है और बारिश में देरी हो सकती है। इसका सीधा असर उत्तर भारत और उत्तराखंड की गर्मी पर पड़ रहा है। यही कारण है कि Uttarakhand Heatwave का असर जून के पहले और दूसरे सप्ताह तक बना रह सकता है।
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मानसून ही देगा बड़ी राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड में भीषण गर्मी से पूरी राहत केवल मानसून के सक्रिय होने के बाद ही मिलेगी। सामान्य तौर पर मानसून 20 जून के आसपास उत्तराखंड पहुंचता है।
हालांकि इस बार मानसून की गति धीमी बताई जा रही है। पिछले कुछ दिनों से मानसून अंडमान और निकोबार क्षेत्र में ही अटका हुआ है। यदि मानसून की रफ्तार धीमी रहती है तो उत्तराखंड में गर्मी का दौर और लंबा चल सकता है।
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून आगे बढ़ने के बाद हवा की दिशा बदलेगी और प्री-मानसून गतिविधियां तेज होंगी, जिससे तापमान में गिरावट आने लगेगी।
पश्चिमी विक्षोभ से मिली हल्की राहत
गुरुवार को पश्चिमी विक्षोभ का हल्का असर उत्तराखंड में देखने को मिला। बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में दोपहर बाद तेज हवाओं और गरज के साथ हल्की बारिश हुई।
तराई क्षेत्रों में भी हल्के बादल छाए रहने के कारण लोगों को पिछले कुछ दिनों की तुलना में थोड़ी राहत महसूस हुई। तीन दिन बाद कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री से नीचे आया।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों में पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि मैदानी इलाकों में गर्मी का असर अभी बरकरार रहेगा।
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स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से कम निकलने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार Heatwave के दौरान शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि:
- दिन में अधिक पानी पिएं
- धूप में निकलते समय सिर ढककर रखें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
- हल्का और तरल भोजन लें
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पर्यटन और चारधाम यात्रा पर भी असर
उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी का असर पर्यटन और चारधाम यात्रा पर भी देखने को मिल रहा है। मैदानी इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहाड़ी क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं।
मसूरी, नैनीताल और चोपता जैसे पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं चारधाम यात्रा मार्गों पर भी गर्मी और धूप के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन सप्ताह तक उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में गर्मी बनी रह सकती है। हालांकि पर्वतीय जिलों में बीच-बीच में हल्की बारिश और बादल राहत दे सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मानसून समय पर सक्रिय होता है तो जून के दूसरे पखवाड़े से लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल Uttarakhand Heatwave से राहत के लिए लोगों को अभी कुछ और दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है।

