Chandigarh young taekwondo players Nityansh Kashyap and Yuvan Singh winning gold medals in Thailand.(pc- team)
International Taekwondo Competition 2026: चंडीगढ़ के दो नन्हे खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन किया है। सेक्टर-41 स्थित आंचल इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले नित्यान्श कश्यप और युवान सिंह ने थाईलैंड के पटाया में आयोजित 9वीं हीरोज ताइक्वांडो इंटरनेशनल प्रतियोगिता 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया।
दोनों खिलाड़ियों ने International Taekwondo Competition 2026 में स्पीड किकिंग इवेंट में हिस्सा लिया और विदेशी खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए अपने-अपने वर्ग में पहला स्थान हासिल किया। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतना दोनों खिलाड़ियों के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
Thailand में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
International Taekwondo Competition 2026 का आयोजन थाईलैंड के पटाया में किया गया था। प्रतियोगिता में अलग-अलग देशों से आए खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चंडीगढ़ के नित्यान्श कश्यप और युवान सिंह ने भी इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
दोनों खिलाड़ियों ने स्पीड किकिंग में अपनी तेजी, एकाग्रता और तकनीक का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को निर्धारित समय के भीतर अधिक से अधिक सटीक किक लगाने का लक्ष्य दिया गया था। नित्यान्श और युवान ने इसी चुनौती को स्वीकार करते हुए शानदार स्कोर हासिल किए।
विदेशी खिलाड़ियों को पीछे छोड़कर जीता Gold Medal
नित्यान्श कश्यप ने प्रतियोगिता के दौरान थाईलैंड, रूस और कोरिया के खिलाड़ियों का सामना किया। मुकाबलों में उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी बढ़त बनाए रखी। खास तौर पर रूसी खिलाड़ी के खिलाफ मुकाबला उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा।
दूसरी ओर युवान सिंह ने थाईलैंड, फिलीपींस और श्रीलंका के खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबला किया। उन्होंने भी दबाव में आए बिना अपनी गति और तकनीक पर ध्यान केंद्रित रखा। आखिरकार दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए Gold Medal in Taekwondo अपने नाम किया।
30 सेकंड में लगाते थे करीब 70 किक
दोनों खिलाड़ियों की सफलता के पीछे नियमित अभ्यास को बड़ी वजह माना जा रहा है। उनके कोच गौरव सैनी के अनुसार, ट्रेनिंग के दौरान नित्यान्श और युवान 30 सेकंड में करीब 70 किक लगाने का अभ्यास करते थे।
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अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दोनों ने अभ्यास के दौरान बनाए गए प्रदर्शन से भी बेहतर स्कोर किया। नित्यान्श ने 85 और युवान ने 88 का स्कोर हासिल कर बढ़त बनाई। कोच के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी अंतिम मुकाबलों में 90 के आसपास स्कोर करने की स्थिति में थे, लेकिन समय समाप्त होने के कारण उनका प्रदर्शन वहीं रुक गया।
समय समाप्त होने की जानकारी मिलने पर दोनों खिलाड़ियों ने फिर से पूरी ऊर्जा के साथ प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान उनकी गति और एकाग्रता ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
Russian Player के खिलाफ था कड़ा मुकाबला
नित्यान्श कश्यप ने बताया कि विदेशी खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करना आसान नहीं था। उनके मुताबिक, प्रतियोगिता में रूस के खिलाड़ी के खिलाफ मुकाबला सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहा।
ऐसे समय में कोच गौरव सैनी लगातार खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करते रहे। कोच उन्हें समय की जानकारी देते रहे और तेज गति के साथ लक्ष्य पर किक लगाने के लिए प्रोत्साहित करते रहे।
नित्यान्श और युवान ने बताया कि यह पहली बार है जब उन्होंने किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर गोल्ड मेडल जीता है। इस उपलब्धि ने दोनों के आत्मविश्वास को भी बढ़ाया है।
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Coach ने बताया दोनों बच्चों की सफलता का राज
कोच गौरव सैनी ने दोनों खिलाड़ियों की मेहनत और अनुशासन की तारीफ की। उन्होंने बताया कि नित्यान्श और युवान नियमित रूप से अभ्यास करते हैं और ट्रेनिंग से बचने के लिए बहाने नहीं बनाते।
कोच के मुताबिक, दोनों बच्चे समय के पाबंद हैं और अपनी प्रैक्टिस को गंभीरता से लेते हैं। यदि किसी कारण से वे अभ्यास में शामिल नहीं हो पाते हैं तो पहले से इसकी जानकारी देते हैं।
गौरव सैनी ने बताया कि उनकी अकादमी के कुल छह खिलाड़ियों ने International Taekwondo Competition 2026 में हिस्सा लिया था। नित्यान्श और युवान ने प्रतियोगिता के पहले ही दिन शानदार प्रदर्शन कर अपनी क्षमता साबित कर दी।
International Pressure के बावजूद नहीं घबराए
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में घरेलू मुकाबलों की तुलना में दबाव अधिक होता है। अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा और दर्शकों का माहौल छोटे खिलाड़ियों के लिए चुनौती बन सकता है।
लेकिन नित्यान्श और युवान ने इस दबाव को अपने प्रदर्शन पर हावी नहीं होने दिया। उन्होंने अपने अभ्यास पर भरोसा रखा और मुकाबले के दौरान लगातार तेजी बनाए रखी।
यही वजह रही कि दोनों खिलाड़ी अपने मुकाबलों में मजबूत बढ़त बनाने में सफल रहे। कोच का कहना है कि नियमित अभ्यास के कारण प्रतियोगिता के दौरान दोनों बच्चों की वास्तविक क्षमता सामने आई।
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माता-पिता ने कोच को दिया सफलता का श्रेय
नित्यान्श कश्यप की मां ने बेटे के अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीतने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से उन्हें विश्वास हुआ है कि नित्यान्श में ताइक्वांडो के क्षेत्र में आगे बढ़ने की काफी क्षमता है।
नित्यान्श के पिता जगबीर सिंह ने भी इस सफलता का श्रेय कोच गौरव सैनी को दिया। उन्होंने कहा कि कोच के मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास की वजह से बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिला।
युवान सिंह की मां ने भी कोच की मेहनत की सराहना की। उनका कहना है कि इतनी कम उम्र में दोनों बच्चों का अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतना परिवार के साथ-साथ स्कूल और शहर के लिए भी गर्व की बात है।
अकादमी के दूसरे खिलाड़ियों ने भी जीते पदक
थाईलैंड में आयोजित इस International Taekwondo Competition 2026 में नित्यान्श और युवान के अलावा अकादमी के अन्य खिलाड़ियों ने भी पदक हासिल किए। सब-जूनियर गर्ल्स के 23 किलोग्राम भार वर्ग में अवनी कतवाल ने गोल्ड मेडल जीता। कैडेट गर्ल्स के 55 किलोग्राम वर्ग में सिमरप्रीत कौर ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
इसके अलावा सुखमनप्रीत कौर सैनी ने 35 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक जीता, जबकि जूनियर गर्ल्स के 46 किलोग्राम भार वर्ग में परमजीत वर्मा ने भी ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।
इस तरह थाईलैंड में आयोजित प्रतियोगिता चंडीगढ़ के युवा खिलाड़ियों के लिए यादगार साबित हुई। नित्यान्श कश्यप और युवान सिंह की स्वर्णिम सफलता ने यह दिखाया है कि सही प्रशिक्षण, अनुशासन और लगातार मेहनत के दम पर छोटी उम्र में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है।

