अजित पवार अस्त संस्कार: अमित शाह और महाराष्ट्र के नेता विद्या प्रतिष्ठान मैदान में अजित पवार के अंतिम संस्कार में शामिल हुए
Ajit Pawar Last Rites: महाराष्ट्र के बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान मैदान में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब राज्य और केंद्र के शीर्ष नेता उपमुख्यमंत्री अजित पवार को अंतिम विदाई देने पहुंचे। सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बीच आम जनता, पार्टी कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता एक साथ दिखाई दिए। मैदान में मौजूद हर चेहरा शोक, सम्मान और गहरे दुख की भावना से भरा हुआ था। हर कोई अपने-अपने तरीके से ‘दादा’ को याद करता नजर आया।
सुबह से ही बारामती और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई थी। सड़कों पर काली पट्टियां, झुके हुए झंडे और भारी पुलिस बल यह संकेत दे रहा था कि महाराष्ट्र एक बड़े नेता को खो चुका है। अंतिम यात्रा के दौरान लोगों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
Read : हरी पत्तियों पर उकेरी संवेदनाएं, लीफ आर्ट के जरिये ‘अजित दादा’ को भावुक श्रद्धांजलि
अमित शाह की मौजूदगी ने बढ़ाया आयोजन का महत्व
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का अंतिम संस्कार में शामिल होना इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर खास बनाता है। उन्होंने अजित पवार के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया, परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और कुछ क्षण मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। अमित शाह की मौजूदगी को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मानवीय सम्मान और लोकतांत्रिक परंपरा का प्रतीक माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, अमित शाह ने अजित पवार को एक कुशल प्रशासक और मजबूत निर्णय क्षमता वाला नेता बताया, जिनकी पकड़ जमीनी राजनीति पर हमेशा बनी रही।
देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे साथ-साथ
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का एक साथ अंतिम संस्कार में पहुंचना भी खास चर्चा का विषय रहा। दोनों नेताओं ने पार्थिव शरीर के पास खड़े होकर नमन किया और परिवार को ढांढस बंधाया।
देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘अजित पवार का जाना केवल एक नेता का जाना नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने हर परिस्थिति में अपने अनुभव और प्रशासनिक समझ से राज्य को दिशा दी।’
वहीं एकनाथ शिंदे ने अजित पवार को जुझारू नेता बताते हुए कहा कि उनके साथ काम करने का अनुभव हमेशा यादगार रहेगा।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, Today Hindi News, Breaking
भाजपा और अन्य दलों के नेताओं की भारी मौजूदगी
अंतिम संस्कार में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इसके साथ ही कांग्रेस, एनसीपी और अन्य क्षेत्रीय दलों के नेताओं ने भी अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि दी।
विपक्षी नेताओं की मौजूदगी इस बात का संकेत थी कि अजित पवार का राजनीतिक कद केवल सत्ता पक्ष तक सीमित नहीं था, बल्कि विरोधी दलों में भी उनके लिए सम्मान और स्वीकार्यता थी।
जनता की आंखों में दिखा अपना नेता खोने का दर्द
सुबह से ही विद्या प्रतिष्ठान मैदान के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। कई लोग हाथों में पार्टी झंडे और अजित पवार की तस्वीरें लिए हुए नजर आए। ‘दादा अमर रहें’ और ‘अजित पवार जिंदाबाद’ जैसे नारे भावनाओं से भरे हुए थे।
कई बुजुर्ग समर्थकों ने कहा कि अजित पवार ने हमेशा आम आदमी की आवाज को प्राथमिकता दी। किसानों, युवाओं और ग्रामीण जनता के बीच उनकी गहरी पकड़ थी, यही वजह है कि आज हर वर्ग उन्हें नम आंखों से विदा कर रहा है।
Also Read : गणतंत्र दिवस शिविर में पीएम मोदी ने बढ़ाया NCC कैडेट्स का मान, पुरस्कार पाकर क्या बोले युवा योद्धा?
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। पुलिस टुकड़ी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अफसरों और जिला प्रशासन की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गंभीरता और गरिमा को और बढ़ा दिया। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे।
महाराष्ट्र की राजनीति में एक युग का अंत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अजित पवार का जाना महाराष्ट्र की राजनीति में एक युग के अंत जैसा है। उनकी तेज निर्णय क्षमता, मजबूत प्रशासनिक पकड़ और जमीनी राजनीति ने उन्हें बाकी नेताओं से अलग पहचान दिलाई। वे अपने बेबाक अंदाज़ और स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते थे।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
आने वाले दिनों में दिखेगा राजनीतिक असर
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अजित पवार के बाद महाराष्ट्र की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी। सत्ता संतुलन, गठबंधन समीकरण और नेतृत्व को लेकर आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक फैसले देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल पूरा महाराष्ट्र शोक में डूबा हुआ है और एक ऐसे नेता को अंतिम विदाई दे रहा है, जिसने दशकों तक राज्य की राजनीति को दिशा दी।

