Bangladesh Protest: कत्ल, आग और धमकी…हिंदू अफसर की मौत पर बांग्लादेश में मचा हड़कंप
Bangladesh Hindu police officer killing video: बांग्लादेश से सामने आए एक चौंकाने वाले वीडियो ने न केवल वहां की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। इस वीडियो में एक कथित छात्र नेता पुलिस स्टेशन के अंदर बैठकर एक हिंदू पुलिस अधिकारी की हत्या की बात खुलेआम स्वीकार करता नजर आ रहा है। यह घटना मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाले शासन में चरमपंथियों को मिली कथित छूट की ओर इशारा करती है।
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थाने में बैठकर हत्या की शेखी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खोजी पत्रकार शाहिदुल हसन खोकन द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में एक युवक खुद को हबीगंज जिले का छात्र कोऑर्डिनेटर बताता है। वीडियो में वह बनियाचोंग पुलिस स्टेशन के भीतर बैठकर ऑफिसर इन-चार्ज को धमकाता दिखता है। वह कहता है कि उसने जुलाई आंदोलन 2024 के दौरान इसी पुलिस स्टेशन को आग के हवाले कर दिया था। इतना ही नहीं, वह खुलेआम यह भी कहता है कि ‘हमने हिंदू अफसर SI संतोष को जला दिया था’। यह बयान न सिर्फ कबूलनामा प्रतीत होता है, बल्कि यह दर्शाता है कि आरोपी को कानून का कोई डर नहीं है।
हिंदू सब-इंस्पेक्टर संतोष भाभू की निर्मम हत्या
सब-इंस्पेक्टर संतोष भाभू बांग्लादेश के हबीगंज जिले के बनियाचोंग पुलिस स्टेशन में तैनात थे। 5 अगस्त 2024 को राजनीतिक उथल-पुथल के बीच एक उग्र भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया। आत्मरक्षा में पुलिस को गोलियां चलानी पड़ीं, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारियों की मौत हुई। हालात यहीं नहीं रुके। देर रात करीब 1 बजे वही भीड़ दोबारा लौटी और पूरे पुलिस स्टेशन को घेर लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, भीड़ ने सेना के जवानों के सामने यह शर्त रखी कि बाकी पुलिसकर्मियों को छोड़ दिया जाएगा, लेकिन संतोष भाभू को उनके हवाले किया जाए।
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भीड़ के हवाले किया गया अफसर
बताया जाता है कि रात करीब 2:15 बजे संतोष भाभू को भीड़ के हवाले कर दिया गया। इसके बाद उन्हें बेरहमी से पीटा गया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इतना ही नहीं, उनका शव अगले दिन तक सड़क पर पड़ा रहा और सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया। यह घटना बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा का भयावह उदाहरण बन गई।
मोहम्मद यूनुस के शासन पर उठते सवाल
जिस तरह से हत्या का आरोपी पुलिस स्टेशन के भीतर बैठकर पुलिस को धमका रहा है, वह बांग्लादेश की कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। सवाल यह उठता है कि क्या मौजूदा शासन में कट्टरपंथी तत्वों को खुली छूट मिल रही है? क्या अल्पसंख्यक और कानून के रखवाले अब खुद असुरक्षित हो गए हैं?
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वीडियो की पुष्टि और अंतरराष्ट्रीय चिंता
हालांकि इस वीडियो और उसमें बोलने वाले व्यक्ति की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है, लेकिन यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों और सुरक्षा विशेषज्ञों का ध्यान खींच रहा है। यदि ये दावे सही साबित होते हैं, तो यह बांग्लादेश के लोकतांत्रिक ढांचे और न्याय प्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न होगा।

