UP News: 'DM ने 20 मिनट बंधक बनाकर रखा…'इस्तीफा देने वाले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के गंभीर आरोप
Bareilly City Magistrate controversy: बरेली से एक चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस्तीफा दे चुके सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने जिले के जिलाधिकारी (DM) अविनाश सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि DM ने उन्हें अपने सरकारी आवास पर बुलाकर करीब 20 मिनट तक बंधक बनाकर रखा, उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और जान से खतरा भी महसूस कराया गया।इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और मामला अब राजनीतिक रंग भी पकड़ता नजर आ रहा है।
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बात करने के बहाने बुलाया, फिर अलग कर दिया गया
सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि करीब एक घंटे पहले DM अविनाश सिंह ने उन्हें फोन कर अपने आवास पर बातचीत के लिए बुलाया था। वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते वह उनके आवास पर पहुंचे। उनके साथ बरेली बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडे भी गए थे, लेकिन DM आवास पहुंचते ही दीपक पांडे को उनसे अलग कर बाहर कर दिया गया। इसके बाद अंदर केवल DM, SSP अनुराग आर्य और कुछ अन्य अधिकारी मौजूद थे।
इस्तीफा वापस लेने का दबाव और छुट्टी पर भेजने की योजना
अलंकार अग्निहोत्री का आरोप है कि अंदर बातचीत के दौरान DM ने उन्हें तरह-तरह के प्रलोभन दिए। उनसे कहा गया कि वह तीन-चार दिन की छुट्टी पर चले जाएं। उनका कहना है कि DM उनके इस्तीफे को लेकर एक रणनीति बना रहे थे, ताकि यह दिखाया जा सके कि उन्होंने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के काम के दबाव में इस्तीफा दिया है और वह मानसिक रूप से परेशान हैं।
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लखनऊ से आया फोन, स्पीकर पर सुनी पूरी बातचीत
सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि बातचीत के दौरान DM के मोबाइल पर लखनऊ से एक कॉल आया। DM फोन लेकर पास के बाथरूम में चले गए, लेकिन मोबाइल का स्पीकर ऑन था। अलंकार अग्निहोत्री के अनुसार, कॉल करने वाले व्यक्ति ने उनके लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया और कहा ‘इसको रातभर आवास पर बंधक बनाकर रखो।’ यह बातचीत सुनकर वह पूरी तरह स्तब्ध रह गए। उन्होंने तुरंत बाहर मौजूद अपने समर्थकों को इसकी जानकारी दी।
बंधन की बात बाहर पहुंची, तब छोड़ा गया
अलंकार अग्निहोत्री का कहना है कि जब DM बाथरूम से बाहर आए, तो SSP अनुराग आर्य को बताया गया कि बंधक बनाने की बात बाहर पहुंच चुकी है। इसके बाद DM ने आनन-फानन में उन्हें जाने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जाते समय DM ने गुस्से में उनसे कहा ‘दो घंटे में सरकारी आवास खाली कर दो और इस दौरान बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
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‘जान का खतरा है’, तुरंत खाली कर रहे आवास
DM आवास से निकलने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के साथ ब्राह्मण समाज के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। वह पैदल ही अपने आवास पहुंचे और वहां प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि अगर बार एसोसिएशन के सचिव दीपक पांडे साथ नहीं होते, तो उनके साथ कोई अनहोनी भी हो सकती थी। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। इसी वजह से वह दो घंटे के भीतर सरकारी आवास खाली कर रहे हैं और सामान की पैकिंग शुरू हो चुकी है।
इस्तीफे की वजह रिजाइन लेटर में साफ
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि उन्होंने इस्तीफे की असली वजह अपने रिजाइन लेटर में साफ-साफ लिखी है। वह अपने समाज के साथ हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं कर सकते।उन्होंने आरोप लगाया कि अगर वह छुट्टी पर जाने की बात मान लेते, तो प्रशासन यह साबित करने की कोशिश करता कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और दबाव में इस्तीफा दिया है।
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राजनीतिक समर्थन भी मिला
इस पूरे मामले के बाद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडेय का फोन उन्हें आया। उन्होंने अलंकार अग्निहोत्री को समर्थन देने का भरोसा दिलाया। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि माता प्रसाद पांडेय का आशीर्वाद मिलना उनके लिए बहुत बड़ी बात है।
राष्ट्रपति शासन की मांग
मीडिया से बातचीत में सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि देश और प्रदेश के हालात बेहद खराब हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग तक कर डाली।
प्रशासनिक गलियारों में मचा भूचाल
इस पूरे घटनाक्रम ने बरेली से लेकर लखनऊ तक प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। एक ओर जहां सिटी मजिस्ट्रेट के आरोप बेहद गंभीर हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि-
● क्या आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी?
● क्या DM पर कार्रवाई होगी?
● या यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव में दब जाएगा?
फिलहाल बरेली का यह मामला प्रदेश की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है।

