Bhojshala Dispute Supreme Court: पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालु धार स्थित भोजशाला परिसर के बाहर जमा हुए।
Bhojshala Dispute Supreme Court: मध्य प्रदेश के धार जिले का विवादित मामला अब देश की सबसे बड़ी अदालत में पहुंच गया है। भोजशाला विवाद ने राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल मचा दी है। मुस्लिम पक्ष ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें भोजशाला कॉम्प्लेक्स को देवी सरस्वती का मंदिर बताया गया था। हिंदू समुदाय लंबे समय से भोजशाला को देवी सरस्वती का मंदिर मानता है। मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद कहता है। इस धार्मिक दावे पर सालों से विवाद चल रहा है।
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हाई कोर्ट के फैसले से और विवाद
हाल ही में, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने अपने फ़ैसले में कहा कि विवादित भोजशाला कॉम्प्लेक्स असल में देवी सरस्वती का मंदिर है। कोर्ट ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार और ASI एडमिनिस्ट्रेशन और मैनेजमेंट के बारे में आगे के फैसले ले सकते हैं। इसके बाद, भोजशाला विवाद सुप्रीम कोर्ट में चर्चा का एक बड़ा टॉपिक बन गया। हाई कोर्ट ने ASI के 7 अप्रैल, 2003 के उस आदेश को भी पलट दिया, जिसमें मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार को नमाज पढ़ने की इजाजत दी गई थी। इस फैसले के बाद, भोजशाला कॉम्प्लेक्स में अब नमाज नहीं पढ़ी जाएगी।
मुस्लिम पक्ष ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
मस्जिद के एक्टिंग काजी मोइनुद्दीन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। अपील में कहा गया है कि हाई कोर्ट के फैसले पर फिर से विचार करने की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद भोजशाला विवाद अब एक नया कानूनी मोड़ ले सकता है। मुस्लिम पक्ष का तर्क है कि कॉम्प्लेक्स का इस्तेमाल सालों से मस्जिद के तौर पर किया जा रहा है और धार्मिक अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए। दूसरी ओर, हिंदू संगठनों ने हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।
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हिंदू पक्ष ने की कैविएट दायर
हिंदू पक्ष की ओर से पिटीशनर जितेंद्र सिंह विशेन ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की है, जिसमें अनुरोध किया गया है कि अगर हाई कोर्ट के फ़ैसले के खिलाफ अपील सुनी जाती है, तो उनका पक्ष सुने बिना कोई आदेश न दिया जाए। इस कदम ने भोजशाला विवाद सुप्रीम कोर्ट मामले में कानूनी लड़ाई को और पेचीदा बना दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट में इस विवाद पर अहम सुनवाई हो सकती है।
धार में हाई अलर्ट, ड्रोन से निगरानी
हाईकोर्ट के फैसले के बाद धार जिले में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। भोजशाला कॉम्प्लेक्स और आसपास के इलाकों में करीब 1,500 पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। प्रशासन ड्रोन और CCTV कैमरों से सभी गतिविधियों पर नजर रख रहा है। प्रशासन को डर है कि फैसले के बाद हालात सेंसिटिव हो सकते हैं। इसलिए पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। भोजशाला विवाद सुप्रीम कोर्ट मामले में नेशनल लेवल पर भी इस विवाद पर कड़ी नजर रखे हुए है।
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भोजशाला में खास पूजा का आयोजन
हिंदू संगठनों ने भोजशाला कॉम्प्लेक्स में बड़े पैमाने पर पूजा कार्यक्रम का ऐलान किया है। दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक मां वाग्देवी की खास पूजा होगी। आंदोलन से जुड़े लोगों का सम्मान भी किया जाएगा। नए आदेश के बाद भोजशाला कॉम्प्लेक्स का माहौल पूरी तरह बदला हुआ दिखेगा क्योंकि अब वहां नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं होगी। इससे भोजशाला सुप्रीम कोर्ट विवाद धार्मिक और राजनीतिक रूप से और भी ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर
देश का ध्यान अब सुप्रीम कोर्ट पर है। सभी पार्टियाँ इस संवेदनशील मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का इंतजार कर रही हैं। आने वाले दिनों में भोजशाला सुप्रीम कोर्ट विवाद मामला देश भर में बहस का एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

