Bhopal Water Supply Alert: इंदौर हादसे के बाद भोपाल में अलर्ट मोड, 15 साल पुरानी पाइपलाइनें बदली जाएंगी, जलापूर्ति की सख्त जांच
Bhopal Water Supply Alert: इंदौर के हालिया हादसे के बाद भोपाल नगर निगम हरकत में आ गया है। शहर में किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए जलापूर्ति और सीवेज सिस्टम की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। निगम के अधिकारी और कर्मचारी फील्ड में जाकर सीवेज लाइन, पेयजल सप्लाई और सीपेज से जुड़ी शिकायतों की मौके पर जांच कर रहे हैं। खासतौर पर उन इलाकों पर फोकस किया जा रहा है, जहां सीवेज और जलापूर्ति लाइनें एक-दूसरे के पास से गुजरती हैं।
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15 साल पुरानी पाइप लाइनों को बदला जाएगा
नगर निगम ने फैसला लिया है कि राजधानी भोपाल में 15 साल से अधिक पुरानी सभी पाइप लाइनों को चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। निगम के अनुसार, कई क्षेत्रों में पुरानी लाइनों के कारण लंबे समय से लीकेज और गंदे पानी के रिसाव की आशंका बनी हुई थी। अब किसी भी तरह का जोखिम न लेते हुए पूरी व्यवस्था की तकनीकी समीक्षा की जा रही है।
झुग्गी बस्तियों और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर
भीम नगर, यादव मोहल्ला, कुशवाह मोहल्ला, अंबेडकर नगर, कोकता, नया बस स्टैंड, जहांगीराबाद, प्रभात पेट्रोल पंप क्षेत्र, रेलवे स्टेशन झुग्गी, हेराज नगर, हिल्स झुग्गी, सिंगारचोली गांव, बंसल घाट और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सहित कई इलाकों से पानी के सैंपल लिए गए हैं। खासकर झुग्गी बस्तियों में सप्लाई हो रहे पानी की गुणवत्ता पर विशेष फोकस किया जा रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या से बचा जा सके।
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जहांगीराबाद में बड़ा लीकेज उजागर
जहांगीराबाद क्षेत्र में ज्यादा कब्रिस्तान नाले के पास से गुजर रही मुख्य पाइप लाइन में एक बड़ा लीकेज सामने आया है। अधिकारियों के मुताबिक यह लीकेज पुराना है और बारिश के दौरान नाले का गंदा पानी पाइप लाइन तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। फिलहाल इसे अस्थायी रूप से दुरुस्त कर दिया गया है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए पूरी लाइन बदलने की तैयारी की जा रही है।
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एक हजार से अधिक पानी के सैंपल की जांच
नगर निगम का दावा है कि पिछले तीन दिनों में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से एक हजार से अधिक पानी के सैंपल लिए गए हैं। प्रतिदिन 300 से ज्यादा सैंपल की जांच कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। अब तक की जांच में पानी पीने योग्य पाया गया है, हालांकि एहतियातन जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है।
शासन के सख्त निर्देश
अपर मुख्य सचिव द्वारा सभी नगर निकायों को जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इनमें पाइप लाइनों की लीकेज जांच, सीवेज और जलापूर्ति लाइनों के क्रॉस कनेक्शन की पहचान, 20 साल से अधिक पुरानी लाइनों को बदलना, साथ ही फिल्टर प्लांट और ओवरहेड टैंकों की नियमित सफाई शामिल है।

