Ghaziabad DM Action: Ghaziabad DM RavGhaziabad DM Action helps a victimized family regain possession of their house after swift administrative intervention in Vijay Nagar.
Ghaziabad DM Action: Ghaziabad DM Action का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की मिसाल पेश की है। गाजियाबाद में वर्षों से अपने ही घर को वापस पाने के लिए भटक रहे एक परिवार को आखिरकार न्याय मिल गया। जिला प्रशासन की तत्परता और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ के हस्तक्षेप से भूमाफियाओं के कब्जे से मकान मुक्त कराया गया और पीड़ित परिवार को उसका आशियाना वापस दिलाया गया।
यह मामला केवल एक मकान वापस मिलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी उम्मीद की किरण बनकर उभरा है जो अवैध कब्जों और भूमाफियाओं के खिलाफ न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।
वर्ष 2004 में खरीदा गया था प्लॉट
Ghaziabad DM Action की इस पूरी कहानी की शुरुआत वर्ष 2004 से होती है। पीड़ित ईश्वर पटेल के अनुसार उनके पिता विद्यासागर पटेल ने विजयनगर क्षेत्र के सजवान नगर में 60 वर्ग गज का प्लॉट खरीदा था। सभी कानूनी प्रक्रियाओं के तहत रजिस्ट्री कराई गई और बाद में उस पर मकान का निर्माण कराया गया।
परिवार कई वर्षों तक उसी मकान में रहा। वर्ष 2021 तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन इसी दौरान विद्यासागर पटेल की तबीयत खराब हो गई। बेहतर इलाज के लिए उन्हें दिल्ली जाना पड़ा। परिवार की इस मजबूरी का फायदा उठाते हुए कथित तौर पर भू-माफिया ताज मोहम्मद और उसके सहयोगियों ने मकान पर अवैध कब्जा कर लिया।
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न्याय की तलाश में भटकता रहा परिवार (Ghaziabad DM Action)
मकान पर कब्जा होने के बाद ईश्वर पटेल लगातार विभिन्न सरकारी कार्यालयों और अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। उन्होंने कई जगह शिकायतें कीं, लेकिन उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली।
पीड़ित परिवार का कहना है कि वर्षों तक उन्होंने अपने घर को वापस पाने की कोशिश की, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी। इसी दौरान उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय में भी शिकायत दर्ज कराई।
पहली बार जब वे डीएम कार्यालय पहुंचे तो मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने लिखित शिकायत देकर लौटना पड़ा। लेकिन बाद में उन्होंने दोबारा प्रयास किया और सीधे जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ से मुलाकात कर पूरी घटना बताई।
डीएम ने तुरंत लिया संज्ञान
Ghaziabad DM Action की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी तब शुरू हुई जब जिलाधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए।
डीएम ने राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम गठित की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया कि सभी अभिलेखों, स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों और मौके की स्थिति का विस्तृत परीक्षण किया जाए। प्रशासनिक टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए रिकॉर्ड की जांच शुरू की। दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पाया गया कि शिकायतकर्ता का दावा सही है और मकान पर अवैध कब्जा किया गया था।
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केवल 24 घंटे में हुई कार्रवाई
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद Ghaziabad DM Action के तहत प्रशासन ने बिना देरी किए कार्रवाई शुरू कर दी।
राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया पूरी की। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद मकान को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया।
सबसे उल्लेखनीय बात यह रही कि जिलाधिकारी से शिकायत करने के महज 24 घंटे के भीतर पीड़ित परिवार को उसका घर वापस मिल गया। यह कार्रवाई प्रशासन की कार्यशैली और त्वरित निर्णय क्षमता का उदाहरण मानी जा रही है।

डीएम ने खुद कराया गृह प्रवेश
कार्रवाई के बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को उनके मकान में प्रवेश कराया और परिवार को भरोसा दिलाया कि प्रशासन हर स्तर पर उनके साथ खड़ा है।
इस दौरान एक भावुक दृश्य भी देखने को मिला। परिवार के मुखिया ने खुशी व्यक्त करते हुए डीएम को माला पहनाने का प्रयास किया, लेकिन डीएम ने विनम्रता दिखाते हुए वही माला परिवार के सदस्य के गले में डाल दी। इस घटना ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। परिवार ने प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों की पीड़ा का अंत हो गया है।
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भूमाफियाओं के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
Ghaziabad DM Action के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि जिले में गरीब, कमजोर और असहाय लोगों की संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की जमीन, मकान या संपत्ति पर अवैध कब्जे की शिकायत सामने आती है तो प्रशासन तत्काल कार्रवाई करेगा। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। डीएम ने यह भी कहा कि प्रशासन विशेष अभियान चलाकर गरीबों और जरूरतमंद लोगों की जमीनों और मकानों को अवैध कब्जों से मुक्त कराएगा।
जनसुनवाई को बनाया जा रहा प्रभावी
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने कहा कि जिला स्तर पर आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और समयबद्ध तरीके से उसका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन की प्राथमिकता है कि कोई भी पीड़ित व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।
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पीड़ित परिवार ने जताया आभार
घर वापस मिलने के बाद ईश्वर पटेल और उनके परिवार ने जिला प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे वर्षों से चला आ रहा संघर्ष आज समाप्त हो गया हो। परिवार ने जिलाधिकारी को अपना “संकट मोचक” बताते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रशासन हस्तक्षेप नहीं करता तो शायद उन्हें कभी न्याय नहीं मिल पाता।
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अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त संदेश
Ghaziabad DM Action केवल एक परिवार को न्याय दिलाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह भूमाफियाओं और अवैध कब्जाधारकों के लिए भी कड़ा संदेश है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी नागरिक की वैध संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। गाजियाबाद में हुई यह कार्रवाई अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास को मजबूत करने का काम कर रही है।

