Ghazipur Court Death Sentence: Court awards death penalty to Amjad Khan for murdering his 4-year-old nephew Danial Khan in Ghazipur, Uttar Pradesh.
Ghazipur Court Death Sentence: गाजीपुर के एक दिल दहला देने वाले मामले में, कोर्ट ने चार साल के बच्चे की हत्या के दोषी उसके चाचा अमजद खान को मौत की सजा सुनाई है। इस फैसले के बाद गाजीपुर कोर्ट द्वारा मौत की सजा (Ghazipur Court Death Sentence) मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। कोर्ट ने आरोपी के व्यवहार और अपराध की क्रूरता को रेयरेस्ट ऑफ रेयर मामलों में से एक माना।
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जज ने पूछा – रिहा किए जाने कर क्या करोगे?
फैसला सुनाए जाने से पहले, कोर्ट में एक चौंकाने वाली बातचीत हुई। जज शक्ति सिंह ने आरोपी अमजद खान से पूछा कि अगर उसे रिहा कर दिया गया तो वह क्या करेगा। आरोपी ने जवाब दिया कि जो भी उसका सामना करेगा, वह उसे मार डालेगा।
आरोपी के जवाब ने कथित तौर पर कोर्ट को हैरान कर दिया। इसके अलावा, जब उससे पूछा गया कि क्या उसे अपने किए पर पछतावा है, तो उसने साफ कहा कि उसे कोई पछतावा नहीं है। गाजीपुर कोर्ट द्वारा मौत की सजा (Ghazipur Court Death Sentence) मामले में आरोपी के इस रवैये को कोर्ट के फैसले में अहम माना गया।
क्रूरता की सभी हदें पार हुई – कोर्ट
फैसला सुनाते हुए जज शक्ति सिंह ने कहा कि चार साल के बच्चे को दुनिया की अच्छाई और बुराई का बिल्कुल भी पता नहीं था। ऐसे मासूम बच्चे को मारना इंसानियत के खिलाफ बहुत बड़ा जुर्म है। कोर्ट ने यह भी कहा कि बच्चे की मां ने अपने ही भाई के हाथों अपने बेटे की हत्या देखी, यह एक ऐसा दर्द था जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। गाजीपुर कोर्ट द्वारा मौत की सजा (Ghazipur Court Death Sentence) मामले में कोर्ट की यह बात फैसले की गंभीरता को दिखाती है।
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कैसे हुई मासूम दानियाल की हत्या?
यह घटना 21 अक्टूबर, 2021 को गहमर थाना इलाके के बारा गांव में हुई। चार साल का दानियाल खान अपनी मां शबाना नाज के साथ अपने नाना-नानी के घर गया हुआ था। घटना के दौरान आरोपी अमजद खान की अपनी बड़ी बहन से मामूली कहासुनी हो गई।
गुस्से में आकर आरोपी ने अपने भतीजे पर चाकू से हमला कर दिया और उसकी गर्दन काट दी। घटना इतनी भयानक थी कि बच्चे का सिर उसकी गर्दन से बस कुछ इंच ही जुड़ा था। गाजीपुर कोर्ट द्वारा मौत की सजा (Ghazipur Court Death Sentence) मामले ने उस समय पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था।
परिवार वालों ने आरोपी के खिलाफ दी गवाही
मृतक के चाचा अरबाज खान ने हत्या की FIR दर्ज कराई। ट्रायल के दौरान कुल नौ गवाह पेश किए गए, जिनमें आरोपी की तीन बहनें और एक भाई शामिल थे। परिवार वालों ने कोर्ट में आरोपी के खिलाफ गवाही दी। गवाहों की गवाही, पुलिस जांच और दूसरे सबूतों के आधार पर कोर्ट ने अमजद खान को दोषी ठहराया। इन गवाही ने गाजीपुर कोर्ट द्वारा मौत की सजा (Ghazipur Court Death Sentence) के फैसले में अहम भूमिका निभाई।
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फैसले के बाद भी नहीं दिखा कोई पछतावा
कोर्ट द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बाद भी आरोपी को कोई पछतावा नहीं दिखा। जब पुलिस उसे जेल ले जा रही थी, तब भी वह लोगों को घूरता हुआ दिखा। कानूनी जानकारों का मानना है कि आरोपी का यह व्यवहार उसके जुर्म की गंभीरता और उसकी सोच को दिखाता है। गाजीपुर कोर्ट द्वारा मौत की सजा (Ghazipur Court Death Sentence) मामले में कोर्ट ने साफ किया कि ऐसे जुर्म समाज में डर और असुरक्षा का माहौल बनाते हैं।
समाज को झकझोर देने वाला हत्याकांड
गाजीपुर की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक झगड़े किस हद तक भयानक नतीजों तक बढ़ सकते हैं। चार साल के दानियाल की हत्या ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया। गाजीपुर कोर्ट की मौत की सजा (Ghazipur Court Death Sentence) को न्याय व्यवस्था का एक कड़ा संदेश माना जा रहा है, जो मासूम बच्चों के खिलाफ जघन्य अपराध करने वालों के लिए कोई नरमी नहीं छोड़ती।

