Haryana Palwal Flood Alert: पलवल में यमुना नदी उफान पर, 20 गांवों में बाढ़ का अलर्ट, प्रशासन और ग्रामीण सतर्क
Haryana Palwal Flood Alert: हरियाणा के पलवल जिले में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे जिले के यमुना किनारे बसे 20 गांवों में बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। हथनीकुंड बैराज से छोड़े गए दो लाख 38 हजार क्यूसेक पानी के बुधवार तक पलवल पहुंचने की संभावना है, जिससे खादर क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो सकती है। जिला प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है और राहत कार्यों की तैयारियों को तेज कर दिया है।
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खतरे के निशान के करीब पहुंचा यमुना का जलस्तर
अभी यमुना नदी का जलस्तर 613 फीट के करीब है, जो खतरे के निशान 615 फीट से मात्र दो फीट कम है। ऐसे में स्थिति किसी भी वक्त गंभीर हो सकती है। प्रशासन ने तटबंधों को मजबूत करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है, जिसमें ग्रामीण भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
दोस्तपुर, राजूपुर और बागपुर गांव के किसान अपने पशुओं को मोहना स्थित मंडी जैसे ऊंचे स्थानों पर ले जाते दिखे। प्रशासन द्वारा लगातार मुनादी करवाई जा रही है, जिसमें ग्रामीणों से यमुना नदी के पास न जाने और पशुओं को भी नदी के आसपास न ले जाने की अपील की जा रही है। बच्चों को भी नदी से दूर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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पहले ही तीन हजार एकड़ फसल प्रभावित
लगातार वर्षा और पूर्व में छोड़े गए पानी के कारण पहले ही यमुना किनारे के गांवों में तीन हजार एकड़ फसल प्रभावित हो चुकी है। अब आशंका जताई जा रही है कि आने वाले जलप्रवाह से पांच से आठ हजार एकड़ तक की फसलें और प्रभावित हो सकती हैं। किसानों को आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है।
2023 से भी गंभीर स्थिति की आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार यमुना का जलस्तर 2023 की बाढ़ से भी ज्यादा बढ़ सकता है। 15 दिन पहले ही जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई थी, जिससे हजारों एकड़ धान, बाजरा, चारा, कपास और सब्जियां खराब हो गई थीं। अब फिर से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीण बेहद चिंतित हैं।
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खेल मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों ने किया गांवों का दौरा
मंगलवार को हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम, जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ और पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बाढ़ संभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने हालात का निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों से संवाद किया और भरोसा दिलाया कि उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी।
बागपुर, राजूपुर और थंथरी गांवों में दौरे के दौरान उन्होंने तटबंधों की स्थिति का निरीक्षण कर प्रशासन को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। बागपुर गांव में उन्होंने अधिकारियों और गांव के सरपंचों के साथ बैठक कर बिजली, पानी, राशन, दवा, चिकित्सा शिविर, और परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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24 घंटे अलर्ट मोड पर जिला प्रशासन
उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और सभी विभागों को सक्रिय कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यमुना के जलस्तर को ध्यान में रखते हुए खाद्य आपूर्ति, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, दवा, पशु चारा, नाव, गोताखोर, जीवन रक्षक जैकेट, JCB मशीनें और कंट्रोल रूम की 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की जा रही है।
प्रशासन की तैयारियां:
- जन स्वास्थ्य विभाग को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश।
- खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को जरूरतमंदों के लिए राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी।
- बिजली विभाग को अनवरत आपूर्ति और वैकल्पिक जनरेटर की व्यवस्था।
- स्वास्थ्य विभाग को दवाएं, ORS, स्वास्थ्य जांच शिविर और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
- कृषि और पशुपालन विभाग को पशु चारे की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश।
- राजस्व विभाग को नाव, गोताखोर, जीवन रक्षक उपकरण और अन्य आपात सुविधाएं उपलब्ध करवाने को कहा गया है।
- रेडक्रॉस और सिविल डिफेंस की टीमें भी सक्रिय हैं और वालंटियर्स को तैयार रहने का आदेश दिया गया है।
मुनादी के बावजूद लोग पहुंच रहे नदी के किनारे
प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी देने के बावजूद ग्रामीण जलस्तर देखने के लिए यमुना नदी के किनारे पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने अपील की है कि लोग अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नदी के पास न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
गांवों में चौकीदार और स्वयंसेवक अलर्ट
प्रभावित गांवों में चौकीदारों को 24 घंटे चौकसी करने और समय-समय पर मुनादी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, रेडक्रॉस और सिविल डिफेंस के वालंटियर्स को सतर्क रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किए जा सकें।

