Jana Nayagan Censor Row: विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ मद्रास HC ने बदला फैसला, रद्द किया सिंगल जज का आदेश
Jana Nayagan Censor Row: तमिल सुपरस्टार विजय की बहुप्रतीक्षित और आखिरी मानी जा रही फिल्म ‘जन नायकन (Jana Nayagan)’ को लेकर चल रहा सेंसर विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। मद्रास हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने फिल्म को लेकर सिंगल जज द्वारा दिए गए आदेश को रद्द कर दिया है, जिससे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को बड़ी राहत मिली है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना CBFC को जवाब दाखिल करने का पूरा अवसर दिए, फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट देने का निर्देश देना न्यायसंगत नहीं था। अब यह मामला दोबारा सिंगल जज के पास नई सुनवाई के लिए भेज दिया गया है।
सिंगल जज का आदेश क्यों किया गया रद्द?
मद्रास हाईकोर्ट की फर्स्ट डिवीजन बेंच, जिसमें मुख्य न्यायाधीश मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन शामिल थे, ने 27 जनवरी 2026 को CBFC की ओर से दायर रिट अपील को स्वीकार कर लिया। डिवीजन बेंच ने 9 जनवरी 2026 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें सिंगल जज ने CBFC को अभिनेता विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ के लिए सीधे U/A 16+ सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया था।
READ ALSO:Nadeem Khan: कौन हैं नदीम खान? जिनकी गिरफ्तारी ने मचाई हलचल, घरेलू महिला ने लगाए गंभीर आरोप
‘CBFC को जवाब दाखिल करने का मौका नहीं मिला’
कोर्ट ने कहा कि सिंगल जज को यह आदेश पारित करने से पहले CBFC को काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का उचित अवसर देना चाहिए था। डिवीजन बेंच ने यह भी कहा कि याचिका की प्रकृति ही गलत थी, क्योंकि प्रोडक्शन हाउस ने मैंडेमस की मांग की थी, जबकि उन्हें CBFC चेयरमैन के 6 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती देते हुए सर्टियोरारी याचिका दाखिल करनी चाहिए थी।
याचिका खारिज नहीं, लेकिन संशोधन का मौका
हालांकि अदालत ने याचिका को पूरी तरह खारिज नहीं किया। कोर्ट ने प्रोडक्शन हाउस KVN Productions LLP को अपनी याचिका में आवश्यक संशोधन करने का अवसर प्रदान किया है। डिवीजन बेंच ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता याचिका में उपयुक्त संशोधन करता है, तो सिंगल जज को यह स्वतंत्रता होगी कि वह CBFC को काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का उचित अवसर प्रदान करें।
निपटारे के लिए आग्रह
इसके बाद दोनों पक्ष मामले के त्वरित निपटारे के लिए आग्रह कर सकते हैं और याचिका का निस्तारण उसके गुण-दोष के आधार पर किया जा सकता है। कोर्ट ने रजिस्ट्री को यह भी निर्देश दिया कि यदि प्रोडक्शन हाउस चाहे, तो याचिका को पुनः बहाल कर सिंगल जज के समक्ष नई सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
READ ALSO: Seema Sajdeh On Divorce: सोहेल खान से क्यों अलग हुई सीमा सजदेह? तलाक के 4 साल बाद खुद बताया सच
CBFC चेयरमैन के फैसले पर क्या बोले जज?
डिवीजन बेंच ने मामले के गुण-दोष में प्रवेश किए बिना स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह सिंगल जज के विवेक पर होगा कि वह यह तय करें कि CBFC चेयरमैन द्वारा फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने का निर्णय कानून के अनुरूप था या नहीं। कोर्ट ने यह भी माना कि CBFC चेयरमैन द्वारा फिल्म को नौ सदस्यीय रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने का फैसला एक गंभीर शिकायत के आधार पर लिया गया था, जिसमें फिल्म में डिफेंस एक्सपर्ट की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया गया था। इसी कारण, अदालत के अनुसार, सिंगल जज को CBFC को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर देना आवश्यक था।
पढ़े ताजा अपडेट: Newswatchindia.com: Hindi News, Today Hindi News, Breaking
क्या है पूरा ‘जन नायकन’ सेंसर विवाद?
प्रोड्यूसर्स के अनुसार, फिल्म ‘जन नायकन’ का प्री-प्रोडक्शन मई 2024 में शुरू हुआ था। इसके बाद 4 अक्टूबर 2024 को फिल्म का पूजा समारोह आयोजित किया गया और अगले ही दिन, यानी 5 अक्टूबर 2024 से शूटिंग की शुरुआत कर दी गई। लंबे शूटिंग शेड्यूल के बाद फिल्म का पूरा पोस्ट-प्रोडक्शन कार्य 15 दिसंबर 2025 को समाप्त हुआ। इसके बाद 21 दिसंबर 2025 को फिल्म का भव्य ऑडियो लॉन्च मलेशिया में आयोजित किया गया। इसी बीच, प्रोडक्शन हाउस ने 18 दिसंबर 2025 को CBFC के पास तत्काल (Tatkal) प्रक्रिया के तहत सेंसर सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था।
एग्जामिनिंग कमेटी ने क्या फैसला दिया था?
CBFC की पांच सदस्यीय एग्ज़ामिनिंग कमेटी ने 19 दिसंबर 2025 को फिल्म देखी और सर्वसम्मति से कुछ कट्स के साथ U/A 16+ सर्टिफिकेट देने की सिफारिश की। 22 दिसंबर 2025 को CBFC चेन्नई रीजनल ऑफिसर ने प्रोडक्शन हाउस को पत्र भेजकर बताया कि बोर्ड इस सिफारिश को स्वीकार करने को तैयार है। इसके बाद प्रोड्यूसर्स ने U/A 16+ सर्टिफिकेट स्वीकार कर लिया और रिवाइजिंग कमेटी में अपील नहीं की।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
अब आगे क्या होगा?
अब मामला फिर से सिंगल जज के पास जाएगा। यदि याचिका में संशोधन किया गया, तो CBFC को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलेगा और इसके बाद ही फिल्म के सेंसर सर्टिफिकेट पर अंतिम फैसला होगा।

