Uttar Pradesh News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की जान पर खतरा! कांग्रेस नेता दीपक सिंह ने पेश किया 150 रक्षकों का सुरक्षा प्रस्ताव
Shankaracharya Avimukteshwaranand Security: उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की सुरक्षा को लेकर गंभीर हालात बन गए हैं। हाल ही में कांग्रेस के पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने शंकराचार्य से अनुमति मांगी है कि वे उनके और उनके 150 साथियों द्वारा तीन-तीन पालियों में उनकी सुरक्षा में लगे रहें। दीपक ने कहा कि यह उनके लिए एक तरह का प्रसाद और सेवा का अवसर होगा।
दीपक सिंह ने पत्र में स्पष्ट किया कि अब तक शंकराचार्य के साथ हुई घटनाओं में सभी सनातन अनुयायी डिजिटल माध्यमों से उनका समर्थन कर रहे थे। लेकिन शनिवार को हुई घटनाओं ने साबित कर दिया कि अब यह केवल विरोध या अवरोध का मामला नहीं रह गया है, बल्कि शंकराचार्य के जीवन पर प्रत्यक्ष खतरा मंडरा रहा है।
गंभीर घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
पत्र में दीपक सिंह ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्व शंकराचार्य के शिविर के भीतर तक घुस गए और उनकी हत्या तक का प्रयास किया। रातभर उनकी रेकी की जा रही थी। जिस दिन शंकराचार्य को स्नान से रोका गया, उसी दिन साधु-संतों और नन्हें साधकों पर लाठीचार्ज भी किया गया। इस दौरान कई साधुओं की शिखा खींची गई और उन्हें पीटा गया। दीपक सिंह ने कहा कि उस दिन पुलिस बल के साथ कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े असामाजिक तत्व भी मौजूद थे। यह साफ प्रमाणित करता है कि गुंडों और विरोधियों की नीयत शंकराचार्य के प्रति दुर्भावनापूर्ण है। ऐसी स्थिति में मौन रहना अधर्म होगा।
सुरक्षा के लिए प्रस्तावित योजना
दीपक सिंह ने पत्र में बताया कि उनका संगठन ‘मुहिम’ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय है। इसके तहत वे और उनके 150 साथी तीन टुकड़ियों में बंटकर तीन पालियों में शंकराचार्य की सुरक्षा और सेवा में तैनात रहना चाहते हैं। उन्होंने शंकराचार्य से आग्रह किया कि वे इस अनुमति को दें, ताकि उन्हें और उनके साथियों को सेवा का अवसर मिल सके। दीपक ने कहा, ‘हमारा उद्देश्य किसी भी तरह की राजनीतिक दखलअंदाजी नहीं है, बल्कि सनातन समाज और शंकराचार्य की रक्षा सुनिश्चित करना है। उनके जीवन को खतरा है और यह जिम्मेदारी हम सभी का है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो।’
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प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था
वर्तमान में प्रशासन भी शंकराचार्य की सुरक्षा को लेकर सतर्क है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार शिविर की निगरानी कर रही हैं। हालाँकि दीपक सिंह और उनके साथियों के इस प्रस्ताव ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की संभावना बढ़ा दी है।
बता दें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने इस पत्र का स्वागत किया है और सुरक्षा के लिए प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अगले कुछ घंटों में सरकार और प्रशासन की बैठक होने वाली है, जिसमें यह तय किया जाएगा कि किन नियमों और शर्तों के तहत 150 कार्यकर्ताओं को सुरक्षा में शामिल किया जा सकता है।
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सनातन अनुयायियों की चिंता
सनातन अनुयायी और समाज के लोग इस मामले को लेकर बेहद चिंतित हैं। शंकराचार्य के प्रति बढ़ते खतरे और हालिया घटनाओं ने पूरे सनातन समाज में चिंता की लहर दौड़ा दी है। कई अनुयायियों ने कहा कि अगर तत्काल सुरक्षा न बढ़ाई गई तो शंकराचार्य की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।दीपक सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘हमारा उद्देश्य केवल शंकराचार्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी प्रकार की राजनीति या विवाद नहीं है। तीन-तीन पालियों में कार्यकर्ता लगातार सुरक्षा में रहेंगे और किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करेंगे।’
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आगे की प्रक्रिया
आज की बैठक में प्रशासन और शंकराचार्य के प्रतिनिधि मिलकर सुरक्षा का रोडमैप तैयार करेंगे। इसमें यह तय होगा कि कार्यकर्ता किस तरह से सुरक्षा में शामिल होंगे और प्रशासन के साथ समन्वय कैसे किया जाएगा। इस मामले में सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों का सहयोग भी लिया जाएगा, ताकि शंकराचार्य की सुरक्षा और उनके अनुयायियों की चिंता दोनों पूरी तरह से हल हो सके।
दीपक सिंह और उनके 150 साथियों द्वारा सुरक्षा की पेशकश ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के जीवन को सुरक्षा की नई उम्मीद दी है। प्रशासन, समाज और अनुयायियों के समन्वय से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी खतरा शंकराचार्य के जीवन को प्रभावित न कर सके।

