Jaunsar Bawar Development Projects: Chief Minister Pushkar Singh Dhami addressing Jaunsar Bawar Cultural Festival in Nagthat while announcing development projects
Jaunsar Bawar Development Projects: Jaunsar Bawar Development Projects को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागथात में आयोजित जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह 2026 में कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की घोषणा की। देहरादून जनपद के चकराता क्षेत्र स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय केदार सिंह स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केदार सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर समारोह का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने क्षेत्र के विकास, जनजातीय समाज के उत्थान और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी कई योजनाओं की घोषणा की।
सड़क और पुल निर्माण को मिली प्राथमिकता
Jaunsar Bawar Development Projects के अंतर्गत मुख्यमंत्री ने समरजेंस मोटर मार्ग के चौड़ीकरण और डामरीकरण का कार्य कराने की घोषणा की। साथ ही विकासखंड चकराता के बागी-खेड़ा-कोटा-तपलाड मार्ग पर यमुना नदी के ऊपर 60 मीटर स्पान पुल निर्माण को मंजूरी देने की घोषणा की।
इसके अतिरिक्त क्यारापुल-डामटा-म्यूंडा मोटर मार्ग से छामरी और जाखणी तक सड़क निर्माण कार्य शुरू करने की भी घोषणा की गई। इन परियोजनाओं के पूरा होने से दुर्गम क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि द्वीना से बिसोई खुना अलमान तक नए संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जाएगा, जिससे कई ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधा प्राप्त होगी।
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शिक्षा क्षेत्र को मिलेगा नया आधार
Jaunsar Bawar Development Projects में शिक्षा क्षेत्र को भी विशेष महत्व दिया गया है। मुख्यमंत्री ने प्राथमिक विद्यालय नागथात को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने की घोषणा की।
सरकार का उद्देश्य जनजातीय और पर्वतीय क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत आधुनिक संसाधनों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था और आवश्यक आधारभूत ढांचे का विकास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कालसी, मेहरावना, बाजपुर और खटीमा में पहले से संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जनजातीय बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। वहीं बाजपुर और चकराता में नए एकलव्य विद्यालयों का निर्माण भी तेजी से जारी है।

पेयजल और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
Jaunsar Bawar Development Projects के तहत क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। मुख्यमंत्री ने चकराता के अंतर्गत ग्राम खबऊ के खेड़ा रमारका-कुन्ना-बुराष्टी क्षेत्र में यमुना नदी से पंपिंग आधारित पेयजल योजना विकसित करने की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि न्यू चकराता टाउनशिप हय्यो डाडा पंपिंग योजना पर लगभग 229 करोड़ रुपये की लागत से कार्य चल रहा है। इसके पूरा होने के बाद क्षेत्र में भविष्य में पानी की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
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जनजातीय संस्कृति और विरासत के संरक्षण पर फोकस
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जौनसार बावर केवल प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता के लिए भी पूरे राज्य में विशिष्ट पहचान रखता है।
उन्होंने कहा कि Jaunsar Bawar Development Projects का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करना है।
मुख्यमंत्री ने जौनसार बावर सांस्कृतिक पुनरुत्थान समिति की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 33 वर्षों से यह संस्था सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।

जनजातीय समाज के लिए विशेष योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक योजनाएं लागू की गई हैं। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, वन धन योजना, प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान और जनजातीय विकास मिशन जैसी योजनाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है।
Jaunsar Bawar Development Projects के तहत उत्तराखंड में भी जनजातीय क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के अंतर्गत राज्य के 128 जनजातीय गांवों को चिन्हित किया गया है, जहां सड़क, बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
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बेटियों और छात्रों के लिए सहायता योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि जनजातीय समुदाय के विद्यार्थियों को प्राथमिक स्तर से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में 16 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय भी संचालित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की बेटियों के विवाह के लिए राज्य सरकार द्वारा 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही जनजातीय शोध संस्थान के लिए एक करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड भी स्थापित किया गया है।
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चकराता क्षेत्र में तेजी से चल रहा विकास कार्य
Jaunsar Bawar Development Projects के अंतर्गत चकराता क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने चकराता क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 39 करोड़ रुपये की लागत वाली 56 योजनाओं को मंजूरी दी थी।
इनमें से 51 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष पांच योजनाओं को भी जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा पूरे क्षेत्र में सड़कों के सुदृढ़ीकरण के लिए 1300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग 707 और 707ए के चौड़ीकरण का कार्य तेजी से जारी है। कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेड़ क्षेत्र में भूस्खलन की समस्या का स्थायी समाधान भी किया जा रहा है।
इसके साथ ही महासू देवता मंदिर परिसर के विकास के लिए 120 करोड़ रुपये के मास्टर प्लान पर कार्य चल रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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विकास और संस्कृति का संतुलित मॉडल
Jaunsar Bawar Development Projects के माध्यम से राज्य सरकार क्षेत्र में विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास कर रही है। सड़क, शिक्षा, पेयजल, जनजातीय कल्याण और पर्यटन से जुड़ी योजनाएं आने वाले वर्षों में जौनसार बावर की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित योजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी होंगी और क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेंगी।

