Mahakumbh Sanatan Dharm Sansad Live Update: The slogan of Sanatan Board echoed in Mahakumbh, the fourth Sanatan Dharma Sansad was held under the guidance of storyteller Devkinandan Thakur
Mahakumbh Sanatan Dharm Sansad Live Update: देश में सनातन बोर्ड का मुद्दा अब देशभर में जोरों-शोरों से गूंज रहा है । देशभर के साधू संतों में कुम्भनगरी प्रयागराज में चौथी धर्मसंसद का आयोजन किया। जिसमें देशभर से आये साधू संतों ने अपनी भागदारी निभाई।
इस दौरान कथा देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने सनातन धर्म संसद को संबोधित करते हुए कहा कि, यह सनातन धर्म संसद धर्म की रक्षा और पुनर्स्थापना के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
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उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू संस्कृति और परंपराओं को नष्ट करने के लिए कई तरह की साजिश रचि जा चुकि है। विभिन्न षड्यंत्र किए गए, जिनमें से सबसे बड़ा षड्यंत्र लॉर्ड मैकाले का था। उन्होंने हमारे गुरुकुल प्रणाली को समाप्त कर संस्कृत भाषा को हटाकर अंग्रेजी भाषा थोप दी, जिससे हमारी संस्कृति और शिक्षा प्रणाली को गहरी चोट पहुंची।

देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि एक संस्कारविहीन समाज देश की भलाई नहीं कर सकता। देश के उत्थान के लिए संस्कार अत्यंत आवश्यक हैं, और यह संस्कार हमें हमारे धर्मगुरु, संत, महात्मा, आचार्य और शंकराचार्य प्रदान करते हैं।
वहीं देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, वक्फ बोर्ड ने यह दावा किया है कि जहां कुंभ आयोजित हो रहा है, वह भूमि उनकी है। इस पर उन्होंने चिंता जताई कि अगर वक्फ बोर्ड इस तरह से पूरे भारत पर दावा कर दे, तो हिंदू समाज कहां जाएगा? उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि यदि पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू बोर्ड नहीं हैं, तो भारत में वक्फ बोर्ड की आवश्यकता क्यों है?

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भारत के सभी मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाना चाहिए। मंदिरों के धन का उपयोग गुरुकुलों के निर्माण के लिए किया जाएगा, जहां गीता, रामायण और महाभारत जैसे धर्मग्रंथों की शिक्षा दी जाएगी। इन आधुनिक गुरुकुलों में धर्म के साथ-साथ कंप्यूटर और आधुनिक विषयों की शिक्षा भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, मंदिरों की संपत्ति का उपयोग औषधालयों के निर्माण में किया जाएगा ताकि लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि ‘लवजिहाद’ से हिंदू बहन-बेटियों को बचाने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण जी के भव्य मंदिर का निर्माण किया जाए और केशव देव जी की मूर्ति, जो आगरा की जामा मस्जिद की सीढ़ियों में दबी हुई है, उसे बाहर लाया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि सनातनी बच्चों के विवाह संस्कार केवल सनातनी परिवारों में होने चाहिए। देश में सनातन बोर्ड का गठन हो, जिसमें चारों शंकराचार्य और वैष्णव आचार्य यह तय करेंगे कि पूजा पद्धति कैसी होनी चाहिए। महाराज श्री ने कहा कि यह सरकार का काम नहीं है कि वह हमें बताए कि पूजा कैसे करनी चाहिए।
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1.परम पूज्य जगतगुरु स्वामी राघवाचार्य जी महाराज ने सनातन धर्म को संबोधित करते हुए कहा कि देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ था, इस विभाजन के बाद जो भी विधर्मी या गैर-हिंदू थे, उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए था। भारत केवल हिंदुओं का देश है और यहां केवल सनातन धर्म के अनुयायियों का ही अधिकार है।
2 पूज्य श्री चिन्मयानंद बापू जी महाराज सनातन धर्म संसद को संबोधित करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड ने यह दावा किया है कि प्रयागराज की पवित्र धरती भी वक्फ बोर्ड की संपत्ति है।
यह दावा सनातन धर्म और उसकी सांस्कृतिक विरासत के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि भारत में एक सनातन बोर्ड का गठन किया जाए, जो हमारे धर्म, संस्कृति और धार्मिक स्थलों की रक्षा करने के लिए समर्पित हो।
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