Meenakshi Natrajan Rajya Sabha Nomination: मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, राज्यसभा चुनाव नामांकन रद्द करने का फैसला सही बरकरार
Meenakshi Natrajan Rajya Sabha Nomination: सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने के फैसले को सही ठहराते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के बाद वह इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं और यह अर्जी सुनवाई योग्य नहीं है।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ‘फॉर्म 26’ के तहत उम्मीदवारों के लिए अपने खिलाफ लंबित सभी आपराधिक मुकदमों की जानकारी देना अनिवार्य है। इसके लिए (Meenakshi Natrajan Rajya Sabha Nomination) केवल उन्हीं मामलों तक सीमित नहीं रहा जा सकता जिनमें संज्ञान लिया गया हो या आरोप पत्र दायर हुआ हो; हर लंबित मामले का खुलासा करना जरूरी है।
चुनावी प्रक्रिया में दखल नहीं दे सकती अदालत
याचिका पर सुनवाई के दौरान देश की शीर्ष अदालत ने देश के पुराने और कड़े कानूनी सिद्धांतों को दोहराया। अदालत ने कहा कि ऐतिहासिक पुन्नू स्वामी मामले में कोर्ट ने पहले ही यह मिसाल और कानूनी लकीर तय कर दी थी कि नामांकन रद्द किए जाने के सीधे मामलों में अदालतें बीच में हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं। सुप्रीम कोर्ट ने (Meenakshi Natrajan Rajya Sabha Nomination) फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की, ‘याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।
पूर्व के फैसले से स्पष्ट है कि अदालत चुनावी प्रक्रिया शुरू होने पर हस्तक्षेप नहीं कर सकती। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने पर रिट याचिका नहीं दायर की जा सकती। उपचार की मांग सिर्फ इलेक्शन याचिका (Election Petition) के जरिए की जा सकती है।’ सर्वोच्च न्यायालय ने इस टिप्पणी के साथ (Meenakshi Natrajan Rajya Sabha Nomination) रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा नामांकन रद्द करने के फैसले को पूरी तरह वैधानिक और सही माना है।
हम जनता के बीच जाएंगे’- मीनाक्षी नटराजन
सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका खारिज होने और कानूनी राहत न मिलने के बाद कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन ने देश की चुनावी व्यवस्था और आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने फैसले के बाद मीडिया से (Meenakshi Natrajan Rajya Sabha Nomination) बातचीत में अपनी राजनीतिक निराशा और आगामी रणनीति को सामने रखा। मीनाक्षी नटराजन ने सीधे आरोप लगाते हुए कहा, ‘चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है। हम निराश नहीं हैं। जनता के बीच जाएंगे। अगला कदम पार्टी नेताओं से चर्चा करके उठाया जाएगा।’
वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में दी ये तीखी दलीलें
सुप्रीम कोर्ट में मीनाक्षी नटराजन का पक्ष देश के जाने-माने और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने रखा। उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर के आदेश की टाइमिंग और उसकी मंशा को पूरी तरह मनमाना और संदेहास्पद करार दिया। सिंघवी ने कोर्ट के (Meenakshi Natrajan Rajya Sabha Nomination) सामने तर्क देते हुए कहा- ‘रिटर्निंग ऑफिसर का आदेश बहुत अजीब है। अगर मामले का संज्ञान लिया गया है, तो मुझे यह दिखाना होगा कि आरोप तय किए गए हैं।
शिकायत में मेरे खिलाफ कुछ भी ठोस नहीं है। अगर RO मनमाने ढंग से काम करता है और सिर्फ एक पक्ष की बात मानता है, तो इसमें दखल दिया जा सकता है।’ उन्होंने आगे कहा कि उनके पक्ष में कई संवैधानिक (Meenakshi Natrajan Rajya Sabha Nomination) बेंच के फैसले मौजूद हैं। जब कोई आरोप तय ही नहीं किए गए, तो उम्मीदवार वह जानकारी भला कैसे और क्यों दे?
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‘कदम-कदम पर चुनाव आयोग की चुप्पी निंदनीय है’
बहस के दौरान सिंघवी ने पूरी प्रक्रिया की रफ्तार और चुनाव आयोग की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने बताया कि किस तरह विपक्षी उम्मीदवार को अदालत आने तक का समय नहीं दिया गया और आनन-फानन में परिणाम घोषित कर दिए गए। सिंघवी ने अपनी दलीलें जारी रखते हुए कहा, ‘9 तारीख को आदेश आया, 10 तारीख को हम चुनाव आयोग के पास गए, 11 तारीख को मैंने इस मामले का जिक्र किया और मुझे डर था कि वे नतीजे घोषित कर देंगे और कल उन्होंने ऐसा कर भी दिया।
मान लीजिए कल आरओ लिख दे कि 2+2=6, तो क्या आप कहेंगे, कानून में 6 महीने लिखा है? अगर किस्मत खराब रही, तो चुनाव याचिका का फ़ैसला होने में 2-3 साल लग जाएंगे। वह चुनाव (Meenakshi Natrajan Rajya Sabha Nomination) नहीं जीत पाएंगी, बस लड़ती रहेंगी, लेकिन आपने उन्हें शुरुआत में ही बाहर कर दिया। उनके बर्ताव को देखिए, चुनाव आयोग चुप है।’
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मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटें निर्विरोध भाजपा के खाते में
इस बड़े कानूनी ड्रामे और कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने का सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिला है। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की खाली हुई तीनों सीटों पर अब पूरी तरह से बीजेपी (Meenakshi Natrajan Rajya Sabha Nomination) का कब्जा हो चुका है। निर्वाचन अधिकारी ने प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीजेपी के तीनों उम्मीदवारों, तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्विरोध (Unopposed) निर्वाचित घोषित कर दिया है। कांग्रेस उम्मीदवार के रेस से बाहर होते ही इन सीटों पर किसी भी तरह के मतदान की जरूरत नहीं पड़ी और भाजपा ने क्लीन स्वीप कर लिया।

