NEET surrounded by controversies! Will NEET exam be held again?
NEET EXAM 2024: देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा नीट यूजी का रिजल्ट आने के बाद से ही इसमें गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है साथ ही एनटीए पर गलत रिजल्ट तैयार करने के आरोप लगाया जा रहा हैं और परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित कराने की मांग भी उठ रही है। वहीं आप अगर नीट की परीक्षा में आपका प्रथम स्थान आया है फिर भी आपका देश के टॉप मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल पाएगा, यह सुनकर आप सब हैरान होंगे लेकिन यहीं सही है ऐसा क्यों हुआ है चलिए जानते हैं। देश में नीट के नतीजे सामने आ चुके है और इस बार 67 विद्यार्थी है जो फर्स्ट रैंक को हासिल किए है लेकिन इस परीक्षा की रिजल्ट आने के बाद देश में नीट के नतीजे पर विवाद शुरू हो गया है।
कई लोगों का कहना है कि इसका आयोजन ठीक तरीके से नहीं कराया गया है तो कई लोग कहा रहे है कि नीट का पेपर लीक कर दिया गया था। इस बार नीट का परीक्षा 5 मई को आयोजित किया गया था। इस परीक्षा के लिए 24 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने रजिस्ट्रेशन करवाया था और 23.33 लाख बच्चे इस परीक्षा में शामिल हुए थे। वहीं अगर हम एग्जाम की रिजल्ट की बात करें तो इसका रिजल्ट 14 जून को घोषित होने वाला था हालांकि इसे 10 दिन पहले 4 जून को घोषित कर दिया गया और इसी दिन देश के चुनाव का रिजल्ट भी घोषित हुआ था।
परीक्षा की परिणामों की बात करें तो इस बार 67 बच्चे हैं जिन्होंने 100% मार्क्स लाए है इसका मतलब 720 में से 720 नंबर हासिल किए हैं लेकिन यह पहली बार हुआ है कि इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने पूरे 100% मार्क्स हासिल किए है क्योंकि अगर हम साल 2023 की बात करें तो यह उपलब्धि केवल दो छात्रों ने ही हासिल किया था और साल 2022 में कोई भी छात्र ने पूरे अंक प्राप्त नहीं किए थे। इस बार इतने बच्चों ने टॉप किया है जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया है।
वहीं इस मुद्दे पर बात करते हुए महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने कहा कि हो सकता है कि पैसे लेकर नीट परीक्षा आयोजित की गई थी। परिणाम ऐसे हैं कि महाराष्ट्र का कोई भी छात्र राज्य के सरकारी या निजी कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश नहीं ले पाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि कई छात्रों के माता-पिता ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए उनसे संपर्क कर रहे है।

