हैदराबाद की धरती पर आमने सामने आए ओवैसी और माधवी लता!
Latest Political News Updates hyderabad: औवेसी माहिर हो गए हैं पहले भड़काऊ स्पीच देते थे अब भड़काऊ वीडियो बनवा रहे हैं….हैदराबाद की चुनावी जंग में तीर पर तकरार तीखी हो चली है। बीजेपी उम्मीदवार माधवी लता के एक वायरल वीडियो पर जंग छिड़ी है। वो तीर मारने का तरीका हैदराबाद में हिंदू मुसलानों का अमन कमजोर करने के लिए किया गया?यहां के मुसलमानों की गरीबी हटाओ पहले भड़काऊ भाषण बंद करो।

रामनवमी के मौके पर माधवी लता के तीर चलाते एक वीडियो का हवाला देकर ओवैसी आक्रामक हैं। इससे जरिए वो चुनाव में हिंदू मुस्लिम कराने की बिसात बिछा रहे हैं। हैदराबार से बीजेपी उम्मीदवार माधवी लता ने कहा कि हम राम चंद्र जी का वाण चला रहे हैं दुख निवारण को लेकर चला रहे थे मस्जिद कहां से आई। वीडियो पर उठा विवाद सियासी रंग ले चुका है। ओवैसी उसे मजहबी रंग देकर वोटों की फसल बोना और काटना चाहते हैं। इसीलिए वो बीजेपी और RSS को टारगेट कर रहे हैं ताकि वोटों का ध्रुवीकरण किया जा सके। माधवी लता ने इमेजिनरी तीर चलाया जिसका सटीक निशाना औवैसे पर ही लगा। ओवैसी ने आरोप लगाया कि तीर छोड़ने का काल्पनिक तरीका हैदराबाद का अमन चैन बिगड़ाने की कोशिश है।हैदरादबाद में हिंदू-मुस्लमानों के बीच अमन को कमजोर करने की साजिश है।हैदराबाद में फसाद करने की चाल है।
माधवी लता कहती हैं कि हमारे सिर पर राम और रहीम का हाथ है। मोदी सबको लेकर चल रहे हैं। ओवैसी ने पाकिस्तान बना लिया लेकिन चैन नहीं मिला?।ओवैसी अपनी सियासी जमीन मजबूत करने के लिए हर वो दांव चल रहे हैं जिससे उनका वोट बैंक बना रहे। इसीलिए एक वीडियो के उन्होंने बड़ा मुद्दा बना लिया है और तीर के जवाब में अपने तीखे तेवर दिखा रहे हैं।हैदराबाद में जीत कि सियासी बिरयानी कौन खाएगा ये तो 4 जून को साफ होगा लेकिन उससे पहले बयानों की खिचड़ी पकाने के लिए आरोपों की आंच बेहद तेज हो चुकी है।

हैदराबाद की चुनावी जंग में जुबानी जंग भी हावी होने लगी है। वोट मांगने और वोट जुटाने के लिए हर कोई जोर लगा रहा है। ओवैसी के सामने 40 साल पुराना अपना राजनीतिक किला बचाने की चुनौती है और बीजेपी की माधवी लता के सामने अपनी राजनीतिक पारी का आगाज़ करने का चलैंज है।1984 से यहां लगातार ओवैसी की पार्टी का कब्जा है। 1984 से 1999 तक लगातार ओवैसे के पिता सलाहुद्दीन ओवैसी सांसद चुने गए। इसके बाद 2004 से 2019 तक लगातार 4 बार असदुद्दीन ओवैसी यहां से जीतते आ रहे हैं। अब पांचवीं बार भी वो हैदराबाद सीट से ही AIMIM उम्मीदवार हैं।2019 चुनाव में ओवैसी को 5 लाख 17 हज़ार 239 वोट मिले थे जो कुल वोट का करीब 59 फीसदी था जबकि दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी उम्मीदवार भगवंत राव को 2 लाख 35 हज़ार 285 वोट मिले। जो कि कुल वोट का 27 फीसदी था। ओवैसी ने 2 लाख, 82 हज़ार 186 वोट से सीट जीतर दिल्ली का रास्ता तय किया। मगर इस बार मुकाबला टफ होने के आसार हैं। बीजेपी ने ओवैसी के खिलाफ माधवी लता को टिकट दिया है। जो मुस्लिम महिला मतदाताओं को भी अपने साथ जोड़ने का दम भर रही हैं और हर मुद्दे पर ओवैसी को ललकार रही हैं। हैदराबाद में करीब 70 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं इसीलिए औवेसी अपनी राजनीति उसी हिसाब से करते हैं।

