Pranit More Show Viral Video: Viral clips from Pranit More's stand-up show featuring Himanshu Jangra and Dr Sejal Pawar have sparked a debate over gender double standards and accountability.
Pranit More show Viral Video: दोस्तों, क्या हमारा समाज सच में बराबरी यानी इक्वलिटी पर चलता है? या फिर यहां इंसाफ और गलती का फैसला इस बात से होता है कि गलती करने वाला एक लड़का है या एक लड़की?
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प्रणीत मोरे के शो से शुरू हुआ विवाद
हाल ही में कॉमेडियन प्रणीत मोरे के स्टैंड-अप कॉमेडी शो (Pranit More show Viral Video) से दो ऐसी वीडियोज वायरल हुईं, जिन्होंने पूरे इंटरनेट पर तहलका मचा दिया। पहला मामला था गुड़गांव के एक लड़के हिमांशु जांगड़ा का, जिसने ₹370 की बिरयानी के बदले एक लड़की से फिजिकल इंटिमेसी यानी ‘वसूली’ की बात कही।
इस क्लिप के आते ही पूरे देश में गुस्सा फट पड़ा। उसे हर जगह ट्रोल किया गया, सेलिब्रिटीज ने उसकी निंदा की, और नतीजा यह हुआ कि उसे उसकी कंपनी ने नौकरी से निकाल दिया। गलती थी, और सजा मिल गई।
लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं होती। इसी शो की एक और वीडियो वायरल (Pranit More show Viral Video) होती है, जहां एक फीमेल डॉक्टर, डॉ. सेजल पवार, आकर सरेआम कहती हैं कि वो और उनके दोस्त मेडिकल कॉलेज में ऑटोप्सी यानी पोस्टमार्टम के दौरान मेल डेड बॉडीज (शवों) के प्राइवेट पार्ट्स के साइज का मजाक उड़ाते हैं, उन्हें कंपेयर करते हैं।
गलती दोनों की, लेकिन समाज का रवैया अलग क्यों?
अब यहां सोचिए। गलती दोनों तरफ हुई। एक तरफ एक लड़के ने एक जिंदा लड़की के बारे में बेहूदा बात कही, और दूसरी तरफ एक पढ़ी-लिखी फीमेल डॉक्टर ने उन मृत शरीरों का मजाक उड़ाया जो उनके पास पढ़ाई और रिसर्च के लिए आते हैं। लेकिन समाज का रिएक्शन?
लड़के को नौकरी से निकाल दिया गया, उसका करियर खत्म हो गया। और लड़की? उसने एक माफी मांगी, अपना अकाउंट प्राइवेट किया, और रिपोर्ट के मुताबिक उनके फॉलोअर्स और सपोर्ट बढ़ने लगा! लोग उन्हें ‘नाइव’ (भोली) और ‘मासूम’ कह कर बचाने लगे।
आज इस आर्टिकल (Pranit More show Viral Video) में हम बिना किसी फिल्टर के बात करेंगे कि आखिर गलती दोनों ने की, तो सजा सिर्फ एक को क्यों? यह कैसा समाज है हमारा, जो लड़का और लड़की को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रिया देता है?
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कैसे शुरू हुआ हिमांशु जांगड़ा विवाद?
चलिए पहले केस को समझते हैं। प्रणीत मोरे के शो में क्राउड-वर्क सेगमेंट (Pranit More show Viral Video) चल रहा था। क्राउड-वर्क यानी कॉमेडियन ऑडियंस से बातें करता है। वहां 23 साल का हिमांशु जांगड़ा खड़ा होता है और एक स्टोरी सुनाता है। वो कहता है कि वो एक लड़की को डेट पर ले गया, जहां उन्होंने ₹370 की बिरयानी ऑर्डर की। वो आगे कहता है मैंने कहा ₹370 लगे हैं, मैं वसूल तो करूंगा। और इसके बाद वो उनके इंटिमेट मोमेंट्स की ग्राफिक डिटेल्स देने लगता है।
यह सुनते ही इंटरनेट पर गुस्से की लहर दौड़ गई। देवोलीना भट्टाचार्य, रश्मि देसाई, खुशबू कपिला जैसे बड़े-बड़े सेलेब्स ने इसकी कड़ी निंदा की। लोगों ने इसे मिसोजिनी, एंटाइटेलमेंट और कंसेंट (सहमति) का मजाक उड़ाना कहा। लोग बिल्कुल सही थे! किसी भी लड़की को ₹370 की बिरयानी के बदले ऑब्जेक्टिफाई करना बेहद घिनौना है।
इसका अंजाम क्या हुआ? जिस गुड़गांव की फर्म में हिमांशु काम करता है, उन्होंने एक ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी किया और हिमांशु को तुरंत टर्मिनेट (नौकरी से फायर) कर दिया। समाज ने एक सुर में कहा ऐसे लड़के को सजा मिलनी ही चाहिए। हिमांशु का करियर, उनका नाम सब मिट्टी में मिल गया। गलती की सजा मिलना जरूरी था, और समाज ने यहां कोई नरमी नहीं दिखाई। (Pranit More show Viral Video)
कैसे सामने आया दूसरा मामला?
अब आते हैं दूसरे केस पर, जो ठीक इसी शो (Pranit More show Viral Video) से निकल कर आता है। डॉ. सेजल पवार, जो मुंबई के केईएम (KEM) हॉस्पिटल से जुड़ी हैं, वो ऑडियंस में बैठी थीं। प्रणीत मोरे उनसे पूछता है कि जब डॉक्टर ऑटोप्सी या पोस्टमार्टम करते हैं, तो क्या वो सीरियस रहते हैं या मजाक करते हैं?
इस पर डॉ. सेजल हंसते हुए बताती हैं कि वो और उनकी फीमेल कलीग्स मेल कैडेवर्स (मृत शरीरों) के रिप्रोडक्टिव ऑर्गन्स यानी प्राइवेट पार्ट्स के साइज को चेक करती हैं और उनका मजाक उड़ाती हैं, उन्हें कंपेयर करती हैं। कॉमेडियन (Pranit More show Viral Video) भी इस पर हंसता है और कहता है कि अब कोई अपनी बॉडी डोनेट करने से पहले दस बार सोचेगा।
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क्या हंसी-मजाक की भी कोई सीमा होनी चाहिए?
दोस्तों, मेडिकल साइंस में बॉडी डोनेशन (शरीर का दान) को सबसे बड़ा दान माना जाता है। एक परिवार अपने प्यारे की मौत के बाद उनका शरीर इस उम्मीद के साथ मेडिकल कॉलेज को देता है ताकि नए डॉक्टर्स पढ़ सकें और समाज की सेवा कर सकें। यह एक पवित्र विश्वास होता है। उस मृत शरीर की एक डिग्निटी होती है, एक सम्मान होता है। लेकिन उन बॉडीज का इस तरह से सरेआम स्टेज पर मजाक उड़ाना क्या सही है? (Pranit More show Viral Video)
जैसे ही यह वीडियो वायरल (Pranit More show Viral Video) हुई, लोगों ने इस पर भी सवाल उठाए। लेकिन यहां समाज का रवैया बदल गया। डॉ. सेजल ने एक वीडियो और टेक्स्ट अपोलॉजी पोस्ट की, जिसमें उन्होंने कहा मैं यहां जस्टिफाई नहीं कर रही हूं, मैं माफी मांगती हूं। मैं बहुत नाइव थी, यह मेरा पहला स्टैंड-अप शो था। और इस माफी के बाद उन्होंने अपना अकाउंट प्राइवेट किया।
लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि जहां लड़के को पूरी तरह से बॉयकॉट किया जा रहा था, वहां लड़की को लेकर सोशल मीडिया पर एक सिम्पैथी वेव (सहानुभूति की लहर) चलने लगी। कई लोग कहने लगे कि ‘वो बच्ची है’, ‘उससे गलती से निकल गया’, और धीरे-धीरे उनके सोशल मीडिया फॉलोअर्स बढ़ने लगे।
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अगर जेंडर बदल जाता, तो क्या प्रतिक्रिया भी बदल जाती?
अब यहां पर आकर हमारा सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है यह कैसा समाज है हमारा? आप खुद ठंडे दिमाग से सोचिए। अगर डॉ. सेजल की जगह कोई मेल डॉक्टर होता, और वो स्टेज पर खड़ा होकर हंसते हुए कहता कि मैं और मेरे दोस्त फीमेल डेड बॉडीज के प्राइवेट पार्ट्स का मजाक उड़ाते हैं और साइज कंपेयर करते हैं, तो क्या होता? (Pranit More show Viral Video)
क्या समाज उसे ‘नाइव’ या मासूम कहता? बिल्कुल नहीं! उसे अब तक ‘रेपिस्ट मेंटालिटी’ का टैग मिल चुका होता, पुलिस उन्हें अरेस्ट कर चुकी होती, उनका मेडिकल लाइसेंस हमेशा के लिए कैंसिल हो चुका होता और उन्हें कभी समाज में मुंह दिखाने के लायक नहीं छोड़ा जाता।
एक्शन में इतना फर्क क्यों?
तो फिर जब एक फीमेल डॉक्टर ने वही गलती मेल डेड बॉडीज के साथ की, तो उन्हें सिर्फ एक माफी के बदले छोड़ क्यों दिया गया? क्यों उनके हॉस्पिटल ने उन पर कोई सख्त एक्शन नहीं लिया, जैसे हिमांशु की कंपनी ने लिया? क्यों हमारा समाज लड़के की गलती पर सीधा फांसी पर लटकाने को तैयार होता है, और लड़की की गलती पर पर्दा डालने लगता है?
गलती दोनों ने की है दोनों ही बातें बेहद शर्मनाक हैं। लेकिन जब प्रतिक्रिया की बात आई, तो दोनों के साथ अलग-अलग बर्ताव किया गया। यह डबल स्टैंडर्ड (Pranit More show Viral Video) ही हमारे समाज की सबसे बड़ी बीमारी है। हम जेंडर देख कर तय करते हैं कि गलती कितनी बड़ी है।
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इक्वलिटी का असली मतलब क्या है?
दोस्तों, इक्वलिटी यानी बराबरी तभी आएगी जब गलती की सजा गलती के हिसाब से तय होगी, ना कि जेंडर के हिसाब से। हिमांशु ने गलती की, उसे सजा मिली वो सही था। लेकिन डॉ. सेजल ने जो किया, वो भी मेडिकल प्रोफेशन और पूरी इंसानियत के नाम पर एक धब्बा है। सिर्फ एक इंस्टाग्राम पोस्ट पर माफी मांग लेने से और अकाउंट प्राइवेट कर लेने से गलती छोटी नहीं हो जाती। (Pranit More show Viral Video)
हमें एक ऐसा समाज बनाना होगा जहां अगर लड़का गलत है तो उसे सजा मिले, और अगर लड़की गलत है तो उसे भी बराबर की जवाबदेही देनी पड़े। तभी हम एक सच्चा और स्वस्थ समाज बन पाएंगे।
इस पूरे मामले (Pranit More show Viral Video) पर आपकी क्या राय है? क्या आपको भी लगता है कि हमारे समाज में लड़के और लड़कियों की गलतियों को अलग-अलग तराजू में तोला जाता है? क्या डॉ. सेजल पर भी वैसा ही एक्शन होना चाहिए जैसा हिमांशु पर हुआ? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

