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Rajasthan Give Up Campaign: राजस्थान सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘गिव अप अभियान’ के जरिए प्रदेश में 1 करोड़ 77 हजार 182 नए पात्र लोगों को खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ा गया है। सरकार का कहना है कि यह अभियान सामाजिक भागीदारी और जिम्मेदारी का सफल उदाहरण बनकर सामने आया है।
इस पहल की सबसे खास बात यह रही कि लाखों सक्षम लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ दिया। इससे योजना में नए पात्र परिवारों के लिए जगह बनी और लंबे समय से इंतजार कर रहे जरूरतमंद लोगों को राशन योजना का लाभ मिल सका। सरकार इसे गरीबों तक योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचाने की दिशा (Rajasthan Give Up Campaign) में बड़ा कदम मान रही है।
क्या है ‘गिव अप अभियान’?
राजस्थान में NFSA के तहत लाभार्थियों की संख्या जनसंख्या के अनुपात में तय है। निर्धारित सीमा पूरी होने के कारण नए पात्र लोगों को योजना में शामिल करना मुश्किल हो गया था। इसी चुनौती को देखते हुए राज्य सरकार ने 1 नवंबर 2024 को ‘गिव अप अभियान’ शुरू किया। इस अभियान के तहत आर्थिक रूप से सक्षम लोगों से अपील की गई कि वे स्वेच्छा (Rajasthan Give Up Campaign) से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ दें, ताकि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिल सके।
94 लाख से ज्यादा लोगों ने छोड़ा लाभ
सरकार के अनुसार अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला। 24 जुलाई 2026 तक 94 लाख 99 हजार 250 सक्षम या अपात्र लाभार्थियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटाया। इससे योजना में नए पात्र परिवारों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सका। सरकार का दावा है कि यह सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का एक अनूठा उदाहरण है, जिसने लाखों गरीब परिवारों के लिए (Rajasthan Give Up Campaign) रास्ता आसान किया।
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पोर्टल खुलते ही जुड़े लाखों नए परिवार
‘गिव अप अभियान’ के बाद 26 जनवरी 2025 को खाद्य सुरक्षा पोर्टल दोबारा खोला गया। इसके बाद 24 जुलाई 2026 तक 87 लाख 81 हजार 518 नए लाभार्थियों को योजना में शामिल किया गया। इसके अलावा वर्तमान सरकार के कार्यकाल के शुरुआती चरण में 12 लाख 95 हजार 664 लोगों को भी खाद्य सुरक्षा का लाभ दिया जा चुका था। इस तरह कुल मिलाकर (Rajasthan Give Up Campaign) 1 करोड़ 77 हजार 182 नए पात्र लाभार्थी योजना से जुड़े।
इन जिलों में सबसे अधिक जुड़े नए लाभार्थी
खाद्य सुरक्षा योजना में नए लाभार्थियों को जोड़ने वाले शीर्ष पांच जिले इस प्रकार रहे
जयपुर – 3,81,816
सीकर – 3,50,983
जोधपुर – 3,33,378
बाड़मेर – 3,19,431
भीलवाड़ा – 3,16,316
इन जिलों में बड़ी संख्या में पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिला।
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एक योजना से मिलेंगे कई सरकारी लाभ
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा के अनुसार, खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़ने वाले परिवारों को केवल प्रति व्यक्ति 5 किलो गेहूं ही नहीं मिलेगा, बल्कि वे कई अन्य कल्याणकारी (Rajasthan Give Up Campaign) योजनाओं के भी पात्र बनेंगे।
- इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं
- मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना
- मुख्यमंत्री आयुष्मान दुर्घटना बीमा योजना
- मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना
यानी खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल होने के साथ परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का व्यापक लाभ भी मिलेगा।
सरकार ने बताया सामाजिक भागीदारी का मॉडल
सरकार का कहना है कि राजस्थान का ‘गिव अप अभियान’ केंद्र सरकार के ‘गिव इट अप’ अभियान की तर्ज पर तैयार किया गया है। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हीं लोगों तक पहुंचे, जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है। इस अभियान को ‘सबका हक, पात्र को अधिकार’ की नीति का हिस्सा बताते हुए सरकार (Rajasthan Give Up Campaign) इसे सामाजिक सहयोग और संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण मान रही है।
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कांग्रेस पर भी साधा निशाना
इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘पूर्ववर्ती सरकार में तो पोर्टल ही नहीं खुलती थी।’ उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार (Rajasthan Give Up Campaign) ने पात्र लोगों को प्राथमिकता देते हुए पोर्टल खोला और लाखों परिवारों को योजना का लाभ दिलाया।

