RSS Chief Mohan Bhagwat statement comes during the ongoing student agitation in Delhi over examination and education-related issues. (PHOTO: The Wire)
RSS Chief Mohan Bhagwat Statement: देश में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को सिर्फ आदेश देकर नहीं चलाया जा सकता। नई पीढ़ी सवाल पूछती है, इसलिए उनके साथ बातचीत करना, उन्हें समझाना और उनकी बात सुनना बहुत जरूरी है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र परीक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। (RSS Chief Mohan Bhagwat Statement)
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क्या है पूरा मामला?
पिछले कई दिनों से बड़ी संख्या में छात्र दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ी हो रही है। पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसलिए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए।(RSS Chief Mohan Bhagwat Statement)
प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सबसे बड़ी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सरकार और छात्रों के बीच क्या हुआ?
सरकार और CJP के प्रतिनिधियों के बीच अब तक दो दौर की बातचीत हो चुकी है। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बातें रखी हैं। हालांकि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया है।(RSS Chief Mohan Bhagwat Statement)
सूत्रों के मुताबिक आज तीसरे दौर की बातचीत होने की संभावना है। माना जा रहा है कि इस बैठक में छात्रों की मांगों पर विस्तार से चर्चा होगी और कोई समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
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मोहन भागवत ने क्या कहा?
दिल्ली में आयोजित ‘विश्व मांगल्य सभा’ कार्यक्रम में बोलते हुए मोहन भागवत (RSS Chief Mohan Bhagwat Statement) ने कहा कि समय बदल गया है और नई पीढ़ी की सोच भी बदल गई है।
उन्होंने कहा कि पहले बच्चे बड़ों की बात बिना सवाल किए मान लेते थे, लेकिन आज के युवा हर बात का कारण जानना चाहते हैं। वे सवाल पूछते हैं और तर्क चाहते हैं। इसलिए उन्हें डांटने के बजाय प्यार से समझाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं को समय देना, उनकी बात सुनना और उनके साथ खुलकर बातचीत करना बहुत जरूरी है। परिवारों में भी बातचीत कम होती जा रही है, जिसे बढ़ाने की जरूरत है।
मुरली मनोहर जोशी ने भी छात्रों का समर्थन किया
भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने भी छात्रों की चिंता को सही बताया है। उन्होंने कहा कि देशभर से आए छात्र कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी बातों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और समझदारी से होना चाहिए, न कि केवल सख्ती करके। (RSS Chief Mohan Bhagwat Statement)
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पुलिस कार्रवाई पर जताई चिंता
डॉ. जोशी ने प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और छात्राओं पर बल प्रयोग की खबरें चिंता बढ़ाने वाली हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी बात सुननी चाहिए। अगर केवल बल प्रयोग किया जाएगा तो इससे युवाओं का भरोसा कमजोर हो सकता है।(RSS Chief Mohan Bhagwat Statement)
सोशल मीडिया पर भी रखी अपनी बात
डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी बात लिखी। उन्होंने कहा कि छात्रों की चिंताएं बिल्कुल वास्तविक हैं और सरकार को उनका समाधान सहानुभूति और दूरदर्शिता के साथ करना चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले को केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं मानेगी, बल्कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखकर फैसला करेगी। (RSS Chief Mohan Bhagwat Statement)
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विपक्ष भी सरकार पर हमलावर (RSS Chief Mohan Bhagwat Statement)
छात्र आंदोलन को लेकर विपक्षी दल भी लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार करना सरकार की जिम्मेदारी है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।
वहीं सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
बातचीत से निकलेगा समाधान या जारी रहेगा आंदोलन?
फिलहाल सभी की नजर सरकार और छात्रों के बीच होने वाली तीसरे दौर की बातचीत पर है। अगर इस बैठक में कोई सहमति बनती है तो आंदोलन में नरमी आ सकती है। लेकिन यदि बातचीत सफल नहीं होती है तो छात्रों का प्रदर्शन आगे भी जारी रह सकता है। (RSS Chief Mohan Bhagwat Statement)
इस पूरे मामले में एक तरफ छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, तो दूसरी तरफ सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। वहीं मोहन भागवत और मुरली मनोहर जोशी जैसे वरिष्ठ नेताओं के बयान आने के बाद इस मुद्दे पर चर्चा और तेज हो गई है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में सरकार क्या फैसला लेती है और छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं।

