UP Saharanpur News: आंखों में डर नहीं, दिल में साहस…सहारनपुर के चार पुलिसकर्मी लेंगे गैलेंट्री अवार्ड
Saharanpur police encounter : सहारनपुर और बिजनौर पुलिस के लिए गर्व का अवसर है। वर्ष 2020 में हुई चर्चित मुठभेड़ में अदम्य साहस और कर्तव्यपरायणता दिखाने वाले चार पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को President Medal of Gallantry से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनकी बहादुरी, समर्पण और जनता की सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है।
मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम
16 मार्च 2020 की रात करीब साढ़े 11 बजे पुलिस को सूचना मिली कि कुछ बदमाश असलहों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। तत्कालीन क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम रजनीश उपाध्याय, थाना मंडी पुलिस और अभिसूचना विंग की संयुक्त टीम ने सकलापुरी रोड स्थित एक बाग की घेराबंदी की। जब बदमाशों ने पुलिस को घिरा देखा, तो उन्होंने जान से मारने की नीयत से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में बदमाश आबाद पुत्र लक मीरा, ग्राम दतौली मुगल, थाना फतेहपुर ढेर हो गया।
पुलिसकर्मियों की वीरता
इस मुठभेड़ में पुलिस कर्मियों ने असाधारण साहस दिखाया। उपनिरीक्षक सुनील कुमार और आरक्षी कुणाल मलिक घायल हो गए। वहीं तत्कालीन सीओ नगर प्रथम रजनीश उपाध्याय और एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक जर्रार हुसैन की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोलियां लगी, लेकिन वे सुरक्षित रहे। उनकी बहादुरी ने यह साबित किया कि पुलिस अपने कर्तव्य के प्रति किसी भी जोखिम से पीछे नहीं हटती। इस कार्रवाई से न केवल बदमाशों को चेतावनी मिली, बल्कि जनता की सुरक्षा और विश्वास भी मजबूत हुआ।
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गैलेंट्री अवार्ड की घोषणा
अदम्य साहस और कर्तव्यपरायणता दिखाने वाले चारों पुलिसकर्मियों को गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। इन चारों में सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक जर्रार हुसैन, उपनिरीक्षक सुनील सिंह, और सिपाही कुणाल मलिक शामिल हैं। विशेष रूप से, जर्रार हुसैन पहले भी वर्ष 2017 में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। इस कारण उनका सम्मान और भी विशेष महत्व रखता है।
साहस और समर्पण का प्रतीक
इस मुठभेड़ की उपलब्धि केवल चार पुलिसकर्मियों की नहीं, बल्कि सहारनपुर पुलिस के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक बन गई है। इनकी बहादुरी ने यह साबित किया कि पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए किसी भी खतरे का सामना करने को तैयार रहती है।
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प्रशासन और जनता की सराहना
इस सम्मान की घोषणा के बाद प्रशासन और जनता में खुशी की लहर दौड़ गई। अधिकारी और आम लोग पुलिसकर्मियों की बहादुरी और साहस की खुले दिल से सराहना कर रहे हैं। इस सम्मान से अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणा मिली है कि अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण और साहस हमेशा सराहनीय होता है। सहारनपुर की यह मुठभेड़ न केवल पुलिस की वीरता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जिम्मेदार और समर्पित पुलिसकर्मी हर स्थिति में देश और जनता की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं। चारों पुलिसकर्मियों को गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित कर उनकी बहादुरी को मान्यता देना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है।
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सहारनपुर पुलिस की मुठभेड़ में अदम्य वीरता
इस मुठभेड़ ने साबित कर दिया कि सहारनपुर पुलिस न केवल कानून का पालन करती है, बल्कि अपने कर्तव्य के प्रति पूरी तरह समर्पित है। जर्रार हुसैन और उनकी टीम ने विपरीत परिस्थितियों में भी साहस और होशियारी का परिचय दिया। गोलीबारी और खतरनाक हालात के बावजूद उन्होंने संयम और धैर्य बनाए रखा, जिससे कई निर्दोष नागरिकों की जान बचाई जा सकी। इस बहादुरी को अब राष्ट्रपति पदक के माध्यम से सम्मानित किया जा रहा है, जो केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे जिले और राज्य की पुलिस फोर्स के साहस और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

