New Criminal Law: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में सीएम योगी के साथ समीक्षा बैठक की
New Criminal Law: केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 7 जनवरी को नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की। बैठक में उत्तर प्रदेश में पुलिस, जेल, अदालत, अभियोजन और फोरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, पुलिस अनुसंधान और विकास ब्यूरो (BPR&D) के महानिदेशक और राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के महानिदेशक सहित गृह मंत्रालय (MHA) और उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में चर्चा के दौरान केन्द्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए तीनों नए आपराधिक कानून दंड-उन्मुख नहीं बल्कि पीड़ित-केंद्रित हैं और इनका उद्देश्य त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है। गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि वे फरवरी माह में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करें और इन कानूनों को यथाशीघ्र राज्य में पूर्ण रूप से लागू करें।
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अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़ी आबादी वाले राज्यों में नए आपराधिक कानूनों का पूर्ण क्रियान्वयन पूरे देश में सकारात्मक संदेश देगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि 31 मार्च 2025 तक उत्तर प्रदेश की सभी सात कमिश्नरियों में तथा यथाशीघ्र पूरे राज्य में नए आपराधिक कानूनों का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में एक से अधिक फोरेंसिक मोबाइल वैन उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि फोरेंसिक टीमों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाना चाहिए – गंभीर, सामान्य और बहुत सामान्य – ताकि संसाधनों और विशेषज्ञों का अधिक कुशलतापूर्वक उपयोग किया जा सके और गंभीर मामलों को प्राथमिकता दी जा सके।
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अमित शाह ने कहा कि कुल पंजीकृत जीरो एफआईआर में से कितने संबंधित राज्यों को हस्तांतरित किए गए हैं, इसकी नियमित और निरंतर निगरानी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को तीनों नए कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की हर 15 दिन में समीक्षा करनी चाहिए तथा मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सप्ताह में एक बार इसकी समीक्षा करनी चाहिए।

