CBSE Payment System Upgrades: सीबीएसई पेमेंट सिस्टम में सुधार की पहल, शिक्षा मंत्री ने वित्त मंत्री से की अहम बातचीत
CBSE Payment System Upgrades: सीबीएसई के रिवैल्यूएशन और आंसर शीट स्कैन कॉपी मंगाने की प्रक्रिया के दौरान छात्रों को हो रही पेमेंट समस्याओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लंबे समय से सामने आ रही ट्रांजैक्शन फेल, पेमेंट पेंडिंग और डबल डिडक्शन जैसी शिकायतों के बाद अब सरकार ने पूरे सिस्टम को तकनीकी रूप से अपग्रेड करने का फैसला लिया है। इस मुद्दे (CBSE Payment System Upgrades) पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) से विशेष चर्चा की। इसके बाद तय किया गया कि देश के चार प्रमुख सरकारी बैंक मिलकर CBSE के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को मजबूत करेंगे।
छात्रों की शिकायतों के बाद सरकार का बड़ा एक्शन
पिछले कुछ समय से CBSE पोर्टल पर रीचेकिंग और स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को पेमेंट संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। कई मामलों में छात्रों के खाते से पैसे कट जाने के बावजूद पोर्टल पर ट्रांजैक्शन ‘फेल’ या ‘पेंडिंग’ दिख रहा था। कुछ मामलों में अतिरिक्त राशि कटने की शिकायतें भी सामने आईं, जिससे छात्रों और अभिभावकों को परेशानी झेलनी पड़ी। इसी को देखते हुए सरकार ने इस पूरे सिस्टम को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है।
चार बड़े सरकारी बैंक मिलकर करेंगे तकनीकी सुधार
वित्त मंत्रालय के निर्देश पर देश के चार बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक इस प्रोजेक्ट (CBSE Payment System Upgrades) में शामिल किए गए हैं। इनमें शामिल हैं-
- भारतीय स्टेट बैंक (SBI) State Bank of India
- बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) Bank of Baroda
- केनरा बैंक Canara Bank
- इंडियन बैंक Indian Bank
ये बैंक मिलकर CBSE के पेमेंट गेटवे को अपने हाई-टेक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ेंगे, ताकि लेन-देन अधिक सुरक्षित, तेज और पारदर्शी हो सके।
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नया सिस्टम कैसे करेगा काम?
नए इंटीग्रेटेड सिस्टम के तहत (CBSE Payment System Upgrades) पेमेंट प्रोसेस को पूरी तरह ऑटोमेटेड और रियल-टाइम बनाया जाएगा। इससे छात्रों को ट्रांजैक्शन कन्फर्मेशन में देरी जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। सरकार की योजना के अनुसार-
- पेमेंट तुरंत कन्फर्म होगा
- फेल ट्रांजैक्शन की स्थिति में राशि ऑटो-ट्रैक होगी
- डबल कटौती होने पर ऑटोमैटिक रिफंड मिलेगा
- छात्रों को बैंक या पोर्टल पर अलग से शिकायत नहीं करनी पड़ेगी
इस सिस्टम का उद्देश्य है कि किसी भी छात्र को रिफंड या पेमेंट विवाद के लिए लंबी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े।
ऑटो-रिफंड सिस्टम से मिलेगी बड़ी राहत
नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव ऑटो-रिफंड फीचर को लेकर होगा। यदि किसी तकनीकी गड़बड़ी के कारण किसी छात्र के खाते से अतिरिक्त पैसा कटता है, तो वह राशि सीधे उसी बैंक खाते में वापस भेज दी जाएगी। इससे न केवल छात्रों का समय बचेगा, बल्कि उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी से भी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल ट्रांजैक्शन सिस्टम को और मजबूत करेगा।
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शिक्षा मंत्रालय का सख्त निर्देश
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने CBSE प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पुराने और कमजोर पेमेंट गेटवे सिस्टम (CBSE Payment System Upgrades) को जल्द से जल्द पूरी तरह अपग्रेड किया जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी भी तरह की तकनीकी परेशानी नहीं होनी चाहिए। सरकार का कहना है कि यह कदम सिर्फ तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि छात्र-हित में लिया गया एक बड़ा डिजिटल रिफॉर्म है।
डिजिटल शिक्षा व्यवस्था की ओर एक और कदम
इस बदलाव से CBSE की पूरी ऑनलाइन प्रक्रिया और अधिक भरोसेमंद बन जाएगी। इससे देशभर के लाखों छात्रों को सीधा फायदा मिलेगा, खासकर उन छात्रों को जो हर साल रीचेकिंग और स्कैन कॉपी के लिए आवेदन करते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल पारदर्शिता और तेज सेवा को प्राथमिकता दी जाए।

