Railway Advisory on Kite Flying: पतंगबाजी में जरा-सी लापरवाही पड़ सकती है भारी, लोहड़ी और मकर संक्रांति पर रेल विभाग की सख्त एडवाइजरी
Railway Advisory on Kite Flying: पंजाब में लोहड़ी, मकर संक्रांति और बसंत पंचमी के मौके पर पतंग उड़ाने की परंपरा बड़े उत्साह से निभाई जाती है। इन दिनों शहरों और कस्बों की छतों पर बच्चे, युवा और बुजुर्ग पतंगबाजी का आनंद लेते नजर आते हैं। हालांकि, इस बढ़ती गतिविधि के बीच सुरक्षा को लेकर रेल विभाग ने चिंता जताई है और लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
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चाइना डोर से बढ़ रहा खतरा
मंडल वाणिज्य प्रबंधक परमदीप सिंह सैनी ने जानकारी देते हुए बताया कि इन दिनों प्लास्टिक से बनी चाइना डोर का चलन तेजी से बढ़ा है। यह डोर बिजली की सुचालक होती है, जिससे करंट लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यदि यह डोर रेलवे की बिजली लाइनों या ट्रैक के संपर्क में आ जाए, तो गंभीर हादसा हो सकता है।
इलेक्ट्रिफाइड रेलवे ट्रैक पर 25 हजार वोल्ट करंट
रेल विभाग ने बताया कि पूरे पंजाब में अब अधिकतर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण हो चुका है। इन ट्रैकों पर हर समय करीब 25,000 वोल्ट की हाई वोल्टेज बिजली प्रवाहित रहती है। ऐसे में रेलवे ट्रैक के पास पतंग उड़ाना या वहां चाइना डोर का गिरना जानलेवा साबित हो सकता है। एक छोटी सी चूक से इंसानी जान को खतरा होने के साथ-साथ रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुंच सकता है।
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रेलवे ट्रैक के पास पतंग उड़ाने से बचें
सीनियर डीसीएम ने साफ तौर पर कहा कि लोग रेलवे ट्रैक के आसपास पतंगबाजी न करें। उन्होंने माता-पिता से खास अपील की कि वे अपने बच्चों को इस खतरे के बारे में समझाएं और रेलवे क्षेत्र से दूर पतंग उड़ाने के लिए प्रेरित करें। यह सिर्फ व्यक्तिगत सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
रेल यातायात में हो सकती है बाधा
पतंग या चाइना डोर के ओवरहेड इलेक्ट्रिक तारों में फंसने से बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। इससे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होती है और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार ट्रेनों को रोका भी जाता है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है। इसलिए रेल विभाग ने लोगों से सहयोग की अपील की है।
जागरूकता अभियान चला रहा है रेल विभाग
रेल विभाग की ओर से इस खतरे को देखते हुए विशेष जागरूकता मुहिम भी चलाई जा रही है। स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों और आसपास के इलाकों में लोगों को पोस्टर, घोषणाओं और जनसंपर्क के जरिए सतर्क किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य है कि त्योहारों की खुशियां किसी हादसे में न बदल जाएं।
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प्रशासन और जनता की साझा जिम्मेदारी
रेल अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम जनता की भी अहम भूमिका है। यदि लोग नियमों का पालन करें और खतरनाक चाइना डोर का इस्तेमाल न करें, तो कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। प्रशासन ने स्थानीय दुकानदारों से भी अपील की है कि वे प्रतिबंधित डोर की बिक्री न करें।
सुरक्षित पतंगबाजी से ही त्योहारों का आनंद
लोहड़ी, मकर संक्रांति और बसंत पंचमी खुशियों और उमंग के पर्व हैं। इन्हें सुरक्षित तरीके से मनाना ही सही मायने में त्योहारों का सम्मान है। रेल विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि पतंगबाजी का आनंद लें, लेकिन सुरक्षा नियमों का पालन जरूर करें, ताकि कोई अनहोनी न हो और रेल सेवाएं भी सुचारू रूप से चलती रहें।

