एक ऐसा मंदिर जहां पर लाठियां से होती है मां दुर्गा की पूजा!
mathura news today live: भक्तिभाव है, नारियां नृत्य कर रही हैं, माता के जयकारे गूंज रहे है।हाथों में लाठियां हैं…माता रानी के झंडे हैं….और शक्ति प्रदर्शन हो रहा है। कृष्ण नगरी मथुरा के गांव सेमरी में अनोखी लठ्ठ पूजा देखने को देखने के लिए देश विदेश से श्रद्धालु आते हैं।

जी हां… नरी, सांखी और अन्य गांव के लोग सज धज कर हाथों में लाठी शस्त्र लेकर आते हैं…. और शौर्य प्रदर्शन किया जाता है।चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि के दिन कई गांवों के यदुवंशी समाज के भक्त नरी सेमरी पहुंचते हैं और मंदिर में लाठी डंडा फरसा तलवार का प्रदर्शन करते हुए अनूठी पूजा अर्चना करते हैं…. सदियों पुरानी चली आ रही इस अनूठी परम्परा का निर्वाहन आज भी किया जाता है…. इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मुस्तैद रहते हैं… मंदिरों में सैकड़ों की नहीं बल्कि हजारों की संख्या में लोगों की मौजूदगी रहती है… माता के जयकारे गूंजते हैं.।
चलिए अब आपको सिलसिवार तरीके से बताते हैं कि आखिर होता क्या है।सबसे पहले सांखी गांव के भक्त तीन बजे सैकड़ों की संख्या में मंदिर पहुंचे.। उसके बाद नरी गांव का पूरा यदुवंश समाज हजारों की संख्या में बड़े ही जोशीले अंदाज में 4:30 बजे मंदिर परिसर में पूजा करने पहुंच गया।जिसमें यदुवंशी समाज के देवी भक्तों ने बैंड बाजों की धुन पर नाचते हुए देवी माता रानी के जयकारे लगाए..नरी गांव के भक्तों का जोश तो अलग ही था।

इस दिन यदुवंशी समाज के लोगों का जोश देखने लायक होता है… भक्तिभाव होता है।. जिससे मां प्रसन्न होती हैं ,सभी लोग मंदिर गेट परिसर में पहुंचते हैं. और सदियों पुरानी इस परंपरा की रस्म को निभाया जाता है। इस दौरान देवी के जयकारों से पूरा मंदिर वातावरण गुंजायमान हो जाता है, मैया की जय, झूला वाले की जय , नरी खेरे की जय के नारे लगाते हुए हाथों में लाठी, फरसा, बल्लम आदि लेकर परंपरागत ढंग से देवी मैया की पूजा की।,जब नरी आदि गांव के लोग झूमते नाचते हुए देवी मंदिर की तरफ जा रहे थे। लठ्ठ पूजा की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी त्रिलोकी सिंह का मेला प्रभारी जगत सिंह वा पुलिस प्रशासन ने पूरा बाजार सेमरी पुल से लेकर मंदिर तक पूरा रास्ता साफ कराते हुए लट्ट पूजा में आए सभी भक्तों का रास्ता साफ कर करके मंदिर में शांतिपूर्वक लट्ट पूजा कराई पुलिस प्रशासन ने अपने कार्य को अच्छी तरीके से निभाया सबसे पहले सांखी गांव के भक्त तीन बजे के लगभग सैकड़ों की संख्या में मंदिर पहुंचे, उसके बाद नरी गांव का पूरा यदुवंश समाज हजारों की संख्या में बड़े ही जोशीले अंदाज में 4:30 बजे मंदिर परिसर में पूजा करने पहुंच गया,जिसमें यदुवंशी समाज के देवी भक्तों ने बैंड बाजों की धुन पर नाचते हुए देवी मैया की जय, झूला वाले की जय , नरी खेरे की जय के नारे लगाते हुए हाथों में लाठी, फरसा, बल्लम आदि लेकर परंपरागत ढंग से देवी मैया की पूजा की।,जब नरी आदि गांव के लोग झूमते नाचते हुए देवी मंदिर की तरफ जा रहे थे, तो आगे आगे पुलिस प्रशासन ने हाईवे से लेकर माता रानी के भवन तक के रास्ते को खाली करा दिया।इसके बाद यदुवंशी देवी पूजा करके विजय मुद्रा में देवी माता का प्रसाद लेकर वापस लौट जाते हैं।

