तीन बार लगातार रहे सांसदों को इस बार बीजेपी टिकट नहीं देगी !
BJP Party News: बीजेपी का दो दिवसीय कार्यकारिणी की बैठक के ही खत्म हो गई । पीएम मोदी ,अमित शाह (Amit shah) और नड्डा ने बीजेपी नेताओं को खूब समझाया ,मंत्र दिया और जनता के बीच जाने को भी कहा । मतलब ये कि जो जनता के बीच नही जायेगा उसकी राजनीति (Politics) सफल नही होगी । पीएम ने साफ कर दिया कि हवा हवाई लोगों की राजनीति अब नहीं चलेगी । जिनको राजनीति करनी है वो समाज के बीच जाए और जन सभा में हिस्सा ले ।

बैठक में बातें तो बहुत कुछ हुई । कुछ बाते तो रणनीतिक थी तो अधिक बाते मंत्र जैसी ही थी ।लब्नोलुबा यही था कि इस बार का चुनाव कोई साधारण चुनाव नही है । जीत गए तो आगे का खेल आसान होगा और हर गए तो सब कुछ खत्म जैसा हो जायेगा । पार्टी पर भी हार का सर होगा और नेताओं को मुश्किल कितनी बढ़ेगी इसकी कल्पना भी नहीं जा सकती । ऐसे में पार्टी के सभी शीर्ष नेताओं का यही कहना था कि इस बार के चुनाव में वही लोग सफल हो सकते है जो पार्टी में मजबूती से खड़े है और जिनका सरोकार जनता के बीच हो ।
पीएम मोदी (PM Modi) ने एक बात और साफ कर दिया । उन्होंने कहा कि इस बार के चुनाव में बीजेपी का उम्मीदवार (Candidate) आदमी होगा । उम्मीदवार तो कमल का फूल होगा । बता दें कि मोदी ने यह बात पिछले साल विधान सभा चुनाव (Vidhan Sabha Election) के दौरान भी कही थी । पीएम ने इसके बाद विधान सभा चुनाव में बड़ी संख्या में विधायकों की टिकट को काट दिया था । बहुत से विधायक पैदल हो गए थे ।कोई इधर गया तो कोई उधर गया । लेकिन मोदी के इस खेल का बीजेपी को लाभ हो हुआ । कम से कम तीन बड़े हिंदी पट्टी के राज्य बीजेपी को मिल गए । बीजेपी के इस निर्णय की अब खूब सराहना की जा रही है ।

अब लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) में भी बीजेपी बड़ी संख्या में सांसदों को टिकट काटने करने जा रही है । पीएम मोदी से लेकर शाह तक ने कह दिया है कि जो लोग लगातार तीन बार से चुनाव जीतते आ रहे है उन्हे इस बार टिकट नहीं दी जाएगी । इसमें कुछ अपवाद भी है लेकिन इसका पालन बड़े स्तर पर किया जाएगा । दरअसल अभी हाल में ही बीजेपी की एक आंतरिक सर्वे सामने आई है जिसमे कहा गया है की आगामी लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) में बीजेपी 200 से ज्यादा सीटें नही निकल सकती । वजह बताया गया है की अधिकतर मौजूदा सांसदों के खिलाफ एंटी इनकंबन्सी (anti incumbency) का माहौल है और जनता उनसे काफी नाराज भी है ।
इस फीड के बाद बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व काफी घबरा गया है और तय कर लिया गया है कि अधिकतर इन सांसदों को टिकट से वंचित किया जाए जो तीन बार से चुनाव जीतते रहे हैं । बीजेपी अब अभूत से राज्यसभा सांसदों को मैदान में उतरने जा रही है । इसके साथ ही विधायको को भी मैदान में उतरने को तैयारी है । इसके साथ ही बड़ी संख्या में नए उम्मीदवारों को मैदान में उतरने की बात है । कुछ बड़ी संख्या में महिला उम्मीदवारों को उतारने की बात चल रही है ।
जिन राज्यों में बीजेपी की अच्छी पकड़ है और जीत की पूरी संभावना है इन राज्यों में अधिकतर नए उम्मीदवारों को मैदान में उतरने की रणनीति है । बीजेपी ऐसे एक दर्जन राज्यों में उम्मीदवार बदलने जा रही है । ये राज्य हो सकते है यूपी (UP) ,बिहार (Bihar) ,झारखंड (Jharkhand) ,एमपी (MP) ,गुजरात (Gujrat) ,राजस्थान (Rajsthan) ,छत्तीसगढ़ (Chhatisgarh),दिल्ली (Delhi) ,हरियाणा (Hariyana) ,हिमाचल (Himachal) और उत्तराखंड (Uttarakhand) । कर्नाटक (Karnataka) को लेकर बीजेपी अभी सतर्क है ।
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक इस बार ऐसे नए लोगों की खोज की जा रही है जो पार्टी के लिए बेहतर नेता तो है ही संघ से जुड़े भी हों । जिन लोगों के सरोकार संघ से रहे है उन्हे ज्यादा तरजीह देने की बात की जा रही है ।

