रांची से I.N.D.I.A. की हुंकार, महिलाएं संभालेंगी मोर्चा?
I.N.D.I.A. Rally: लोकसभा चुनाव (Loksabha Election) के रण के बीच विपक्षी गठबंधन के नेता आज रांची में एकजुट हैं। दूसरे चरण के मतदान से पहले हो रही इस रैली के कई मायने हैं। I.N.D.I.A गठबंधन के तमाम नेता रैली के जरिए केंद्र सरकार और बीजेपी को घेरने की कोशिश करेंगे। ED, CBI और विपक्ष के नेताओं के खिलाफ हो रही कार्रवाई को भी बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा। वहीं रांची की रैली को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी जबरदस्त पलटवार किया है।

दरअसल आपको बता दें कि रांची से पहले देश की राजधानी दिल्ली में इंडिया गठबंधन के नेताओं को जमावड़ा लगा था। लेकिन आज झारखंड की राजधानी रांची में नेताओं का हुजूम उतरेगा। लोकसभा चुनाव के लिहाज से इस रैली के कई मायने हैं।दिल्ली की रैली में अरविंद केजरीवाली की गिरफ्तारी को बड़ा मुद्दा बनाया गया तो रांची में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी को लेकर विपक्षी नेता बीजेपी की सरकार पर हमला बोलेंगे।
विपक्ष ने इस शक्ति प्रदर्शन को उलगुलान न्याय महारैली नाम दिया है। स्थानीय भाषा में किसी बड़ी क्रांति या उथल-पुथल को उलगुलान कहते हैं। माना जाता है कि आदिवासियों के भगवान बिरसा मुंडा ने भी जल, जंगल जमीन के लिए उलगुलान किया था। अब उसी उलगुलान शब्द को विपक्ष ने अपने चुनावी कैंपेन से जोड़ा हैइस रैली में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मौजूद रहेंगे। साथ ही आम आदमी पार्टी से भगवंत मान और संजय सिंह..समाजवादी पार्टी से अखिलेश यादव, RJD की तरफ से तेजस्वी यादव और नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारुक अब्दुल्लाह समेत विपक्ष के बड़े नेता वहां मौजूद रहेंगे।
इस रैली की खास बात तो ये है कि रैली में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन भी मौजूद हैं। जो कि दोनों महिला ही अपनी-अपनी पार्टी को संकट से बाहर निकालने की कवायद में हैं।रांची की रैली से विपक्षी नेता एकजुटता का संदेश देने की कोशिश करेंगे। दूसरे चरण के मतदान से पहले विपक्षी पार्टियां एक मंच पर आ रही हैं लिहाजा इसका असर झारखंड के साथ ही पड़ोसी राज्य बिहार पर भी पड़ने की उम्मीद I.N.D.I.A गठबंधन को है। लेकिन बीजेपी पहले ही हमलावर है।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि विपक्ष के सामने बीजेपी की रणनीति का मुकाबला करने की चुनौती है। क्योंकि पूरे देश के साथ झारखंड और बिहार में 2019 के नतीजे विपक्ष के खिलाफ ही आई थे। 2019 लोकसभा चुनाव में झारखंड की 14 सीटों में NDA ने 56 प्रतिशत वोट के साथ 12 सीटें जीतीं थीं जबकि विपक्ष को 35 प्रतिशत वोट के साथ महज 2 सीटें मिलीं थीं।इसी तरह बिहार में NDA ने 39 सीटें जीतीं थीं और 53 प्रतिशत वोट हासिल किए।जबकि विपक्ष के महागठबंधन को सिर्फ 31 प्रतिशत वोट के साथ महज एक सीट मिली।इस बार विपक्ष के सामने बीजेपी को रोकने की चुनौती है। इसीलिए आज की रैली के जरिए भी एक संदेश देने की कोशिश की जाएगी।

