कानपुर देहात। रुरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव में घर में आग लगने से मां-बेटी की हुई मौत के मामले (Mother-daughter death issue) का पटाक्षेप हो गया है। दो दिन बाद बुधवार को बिठूर घाट पर मां-बेटी का अंतिम संस्कार किया गया। दोनों के चिता को मृतका के बेटे शिवम ने मुखाग्नि दी। इस घटना पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी दुख जताया है।
बता दें कि दो दिन पूर्व रुरा थाना क्षेत्र के मड़ौली गांव में कृष्ण गोपाल दीक्षित की घऱ में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान उनके घर में आग लगने से उनकी पत्नी प्रमिला (45) व बेटी नेहा (22) की जलकर मौत हो गयी थी। आरोप था कि प्रशासन द्वारा बुलडोजर कार्रवाई के दौरान तहसील टीम के सदस्यों ने ही आग लगा दी थी। इससे मां-बेटी की आग में जलक मौत हो गयी थी। इस मामले में एसडीएम, थानाध्यक्ष, लेखपाल सहित तीन दर्जन लोगों के खिलाफ एफआईआर की थी।
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ग्रामीणों व परिजनों ने मुख्यमंत्री को मौके पर बुलाने व पांच करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की थी। उन्होंने दो दिन तक दोनों के शवों को मौके पर पड़े रहने दिया था। ग्रामीणों ने विरोध व आक्रोश दो देखते हुए पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जा सकी की। मंगलवार को उप मुख्यमंत्री से बात होने और उनके द्वारा मांगों को मानने के आश्वासन पर ही परिजन शवों को पोस्टमार्टम कराने को सहमत हुए थे।
शवों के पोस्टमार्टम को बाद बुधवार को शवों को अंतिम संस्कार के लिए सौंपा गया। हिन्दू रीति रिवाज के अनुसार मां-बेटी की अर्थी को पुलिस और परिवार के लोगों ने कन्धा देकर शव वाहन तक माँ-बेटी की अर्थी पहुंचाई। कानपुर के बिठूर गंगा घाट पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में परिवार के लोग और ग्रामीण अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इस अवसर पर कानपुर मंडल आयुक्त राजशेखर,एडीजी आलोक सिंह और आईजी, एसपी घटना स्थल पर मौजूद रहे।

