रामनवमी के दिन राम भक्त कर सकेंगे 19 घंटे प्रभु राम के दर्शन
Latest Update Ram Mandir Darshan on Navami: लोग कहते हैं कि रम के नाम पर राजनीति नहीं की जनि चाहिए। फिर सवाल यह भी होता है कि भगवान के नाम पर बीजेपी खूब राजनीति करती है और उसका लाभ भी कमाती रही है। अब जब अयोध्या में प्रभु राम के भव्य मंदिर बन रहे हैं और मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा तक हो गए तब अब लोकसभा चुनाव को लेकर भी कई तरह की बातें कही जा रही है। लोकतंत्र में इस तरह की बातों को भला रोक बी ही कौन सकता है ? लेकिन जो भगवान् के नाम पर राजनीति करते रहे हैं और बोलते तक नहीं वे भी इस चुनाव के समय में आखिर क्यों नहीं मंदिर की राजनीति सामने रखेंगे ? बीजेपी को लग रहा है कि अगर देश का एक बड़ा मतदाता भी राम मंदिर के नाम पर बीजेपी के साथ जुड़ा महसूस पाटा है तो इसका लाभ लेने में क्या गलत है ?
जानकार कहते हैं कि वोट लेने के नापर धर्म की राजनीति भले ही गलत है लेकिन बीजेपी को इसमें गलत कुछ नहीं दिखता। बीजेपी डंके की चौपट पर धर्म की राजनीति तो करती है लेकिन खुद बीजेपी के नेता कितने धार्मिक है इसका कोई प्रमाण पेश नहीं करती। पेश करे भी तो क्यों ? क्योंकि राजनीति और जीवन सहजैली में अंतर है। राजनीति चुकी झूठ पर आधारित होती है और जीवन शैली तो दैनिक रूटीन है। इसके बिना हम जी तक नहीं सकते। लेकिन चार झूठ बोलकर हम जी सकते हैं।
देश में लोकसभा का पहला चुनाव 19 अप्रैल को होने जा रहा है। लेकिन इसे संयोग कहिये या फिर सब कुछ फिक्स मानिये कि इसी बीच राम नवमी का पर्व सामने आ गया है। रामनवमी के दिन राम भक्तों को 19 घंटे दर्शन देंगे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने केवल राम जन्मोत्सव के दिन यानी 17 अप्रैल को ही दर्शन की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। राम जन्मोत्सव के दिन सुबह 3:30 बजे से ही भक्त दर्शन के लिए लाइन में लग सकेंगे। रात 11 बजे तक श्रृंगार, राग-भोग व दर्शन साथ-साथ चलते रहेंगे।

अयोध्या में बड़ा उत्सव होने जा रहा है। इस उत्सव को पुरे देश में प्रसारित करने की योजना चल रही रही। एक तरफ लोकसभा चुनाव की तैयारी होगी तो दूसरी तरफ हर घर में रामनवमी की तैयारी चल रही होगी। और फिर इसी बीच बीजेपी नेताओं की हुंकार होती रहेगी। रामभक्त तो बीजेपी के शरण में जाएंगे ही जो राम बीजेपी भट अभी तक नहीं रहे हैं उनमे से भी बड़ी संख्या में लोग बीजेपी के साथ जुड़ने का प्रयास करेंगे। कहा जा रहा है कि रामनवमी के अवसर पर देश के सभी हिन्दुओं के साथ बीजेपी जुड़ने का प्रयास करने जा रही है। और यह भी कहेगी इस बार कम से कम मोदी को पीएम तो बनने दीजिये।
अयोध्या से जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक 16 और 18 अप्रैल को रामलला का दर्शन सुबह 6 बजे से ही शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि इस दर्शन के बाद देश के जनमानस में बड़ा बदलाव हो सकता है। कहा जा रहा है कि प्रभु राम के भव्य मंदिर में विराजमान होने के बाद यह पहली रामनवमी है। सामने चुनाव भी हैं और जाहिर है कि इस रामनवमी के साथ ही प्रथम चरण के चुनाव भी हैं। लोग तो यह भी कह रहे हैं कि जब चुनाव की तारीख का ऐलान किया जा रहा था तो चुनाव आयोग इन सभी बातों को भी याद कर रहा था। जाहिर इस का लाभ बीजेपी को जरूर मिलेगा।
रामलला के दर्शन के बाद अब हनुमान गाढ़ी का भी दर्शन शेड्यूल जारी किया गया है। यह सब पहली बार हो रहा है। राम भक्त और हनुमान भक्त दर्शन करेंगे और जीवन को धन्य भी करेंगे। बीजेपी को यही उम्मीद है कि इस दर्शन का कुछ लाभ उसे चुनावी प्रसाद के रूप में अगर मिल गया तो खेल ही बदल सकता है। और ऐसा सचमुच हुआ तो बीजेपी को फिर तीसरी बार सत्ता में आने से कौन रोक सकता है।

